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20 जुलाई संसद मार्च पर रोक, दिल्ली में धारा 163 लागू

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मार्च को अनुमति नहीं दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की […]

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  • July 19, 2026 11:33 pm IST, Published 19 hours ago

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मार्च को अनुमति नहीं दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से राजधानी के कई संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अवैध सभा, प्रदर्शन या कानून व्यवस्था भंग करने की कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस के अनुसार संसद भवन, केंद्रीय सचिवालय, विजय चौक, इंडिया गेट, जनपथ और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा बैरिकेडिंग, वाहन जांच और सीसीटीवी निगरानी को भी बढ़ा दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ संगठनों द्वारा 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च निकालने का आह्वान किया गया था। इस संबंध में अनुमति मांगी गई थी, लेकिन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद यदि कोई समूह बिना अनुमति के मार्च निकालने या भीड़ जुटाने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

धारा 163 क्यों लागू की गई?

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 प्रशासन को यह अधिकार देती है कि वह किसी क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लागू कर सके। इस धारा के तहत किसी स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, हथियार लेकर चलने, जुलूस निकालने या ऐसे किसी आयोजन पर रोक लगाई जा सकती है जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि संसद क्षेत्र देश का सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की भीड़ या अनियंत्रित प्रदर्शन से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी कारण एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह हाई अलर्ट पर

20 जुलाई को संभावित प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। संसद मार्ग, अशोक रोड, जनपथ, रायसीना रोड, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक सहित कई प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जाएगी। साथ ही क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तथा अर्धसैनिक बलों को भी जरूरत पड़ने पर तैनात रखने की व्यवस्था की गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

बिना अनुमति प्रदर्शन पर होगी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। यदि कोई संगठन बिना अनुमति के जुलूस निकालता है या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या लोगों को उकसाने वाले संदेशों पर भी निगरानी रखी जा रही है। साइबर सेल ऐसी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

आम लोगों के लिए पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। यदि किसी क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से यातायात प्रभावित होता है तो वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। पुलिस ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

राजनीतिक हलकों में भी चर्चा

संसद मार्च को अनुमति न मिलने और धारा 163 लागू किए जाने के फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न दलों और संगठनों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसका निर्णय पूरी तरह सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और कानून-व्यवस्था के आकलन के आधार पर लिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संसद सत्र और संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन अक्सर एहतियाती कदम उठाता है। ऐसे मामलों में सुरक्षा और नागरिक अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है।

स्थिति पर लगातार नजर

दिल्ली पुलिस, खुफिया एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि स्थिति में कोई बदलाव होता है तो उसके अनुसार सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन में भी आवश्यक परिवर्तन किए जाएंगे। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है।

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