नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोधी कॉलोनी क्षेत्र में बुधवार को हुए एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। बीके दत्त कॉलोनी स्थित एक मकान में अचानक भीषण आग लगने से एक महिला और उसकी दो मासूम बेटियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने मामले की हर पहलू से जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है और स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
जानकारी के अनुसार, आग मकान की तीसरी मंजिल पर लगी, जहां परिवार रह रहा था। देखते ही देखते आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। कमरे में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य घरेलू वस्तुएं कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद महिला और उसकी दोनों बेटियां बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सकीं।
दमकल और पुलिस की टीम तुरंत पहुंची
स्थानीय लोगों ने मकान से धुआं और आग की लपटें उठती देख तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दमकल कर्मियों ने जब कमरे के भीतर प्रवेश किया तो वहां महिला और दोनों बच्चियों के शव बरामद हुए। तीनों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं आग किसी अन्य कारण से तो नहीं लगी।
मौके से बिजली के उपकरणों और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है। फॉरेंसिक विशेषज्ञ इनकी जांच करेंगे, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट सामने आएगी।
कमरे में रखा सामान पूरी तरह जलकर राख
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि तीसरी मंजिल पर मौजूद पूरा कमरा धुएं और लपटों से भर गया। कमरे में रखा फर्नीचर, एयर कंडीशनर, टीवी, घरेलू उपकरण और अन्य सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के कारण वे अंदर नहीं जा सके।
इलाके में पसरा मातम
इस दर्दनाक हादसे की खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। परिवार के परिचित और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फायर सेफ्टी पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश घरेलू आग की घटनाएं खराब वायरिंग, ओवरलोड बिजली कनेक्शन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, समय-समय पर बिजली की वायरिंग की जांच करानी चाहिए। पुराने तारों और खराब स्विच बोर्डों को बदलना जरूरी है। घरों में स्मोक डिटेक्टर और छोटे फायर एक्सटिंग्विशर रखने से शुरुआती आग पर काबू पाया जा सकता है और बड़ी दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
पुलिस जुटी हर पहलू की जांच में
दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत और आग लगने के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जानकारी मिल सके।
बिजली सुरक्षा को लेकर बरतें सावधानी
विशेषज्ञ नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि घर में बिजली के उपकरणों का उपयोग सावधानी से करें। खराब वायरिंग, ओवरलोड एक्सटेंशन बोर्ड और लगातार चलने वाले उपकरण आग का बड़ा कारण बन सकते हैं। रात में सोने से पहले अनावश्यक बिजली उपकरण बंद करना और समय-समय पर बिजली व्यवस्था की जांच कराना बेहद जरूरी है।
दिल्ली के लोधी कॉलोनी में हुआ यह हादसा बेहद दुखद और हृदयविदारक है। एक ही परिवार की तीन जिंदगियां पलभर में खत्म हो गईं। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं इस घटना ने एक बार फिर लोगों को बिजली सुरक्षा और फायर सेफ्टी के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया है।