दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची जारी

 भारत 84वें स्थान पर; जानें कितने देशों में मिलेगी एंट्री नई दिल्ली। दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की नई सूची जारी हो गई है। अक्टूबर 2026 के हेनले पासपोर्ट सूचकांक के अनुसार, सिंगापुर एक बार फिर दुनिया में पहले स्थान पर है। वहीं, भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले एक स्थान का […]

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  • October 16, 2026 9:33 am IST, Published 7 minutes ago

 भारत 84वें स्थान पर; जानें कितने देशों में मिलेगी एंट्री

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की नई सूची जारी हो गई है। अक्टूबर 2026 के हेनले पासपोर्ट सूचकांक के अनुसार, सिंगापुर एक बार फिर दुनिया में पहले स्थान पर है। वहीं, भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में पिछले साल के मुकाबले एक स्थान का सुधार हुआ है और भारत 84वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि, भारतीय नागरिकों के लिए बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकने वाले गंतव्यों की संख्या 57 से घटकर 55 रह गई है।

हेनले पासपोर्ट सूचकांक हर साल देशों के पासपोर्ट की ताकत का आकलन करता है। इसमें देखा जाता है कि किसी देश के नागरिक कितने देशों या यात्रा गंतव्यों में पहले से वीजा प्राप्त किए बिना पहुंच सकते हैं। यह रैंकिंग अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा और अलग-अलग देशों की वीजा नीतियों को समझने में मदद करती है।

सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे ताकतवर

अक्टूबर 2026 की सूची में सिंगापुर पहले स्थान पर है। इसके पासपोर्ट धारक 193 गंतव्यों तक बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं। जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। इन देशों के नागरिकों को 188 गंतव्यों तक पहुंच की सुविधा मिलती है।

स्वीडन तीसरे स्थान पर है, जबकि बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे और स्पेन चौथे स्थान पर हैं। इन देशों के पासपोर्ट धारक 186 गंतव्यों तक बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं।

भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार, लेकिन यात्रा के विकल्प घटे

हेनले पासपोर्ट सूचकांक 2026 में भारत 84वें स्थान पर है। पिछले साल भारत 85वें स्थान पर था। इस तरह रैंकिंग में एक स्थान का सुधार हुआ है। भारत के साथ अल्जीरिया और मॉरिटानिया भी 84वें स्थान पर हैं।

हालांकि, रैंकिंग में सुधार के बावजूद भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए बिना पहले से वीजा लिए यात्रा करने योग्य गंतव्यों की संख्या कम हुई है। अक्टूबर 2025 में यह संख्या 57 थी, जो अक्टूबर 2026 में घटकर 55 रह गई। इससे पता चलता है कि रैंकिंग में ऊपर आने का अर्थ हमेशा यात्रा की अधिक स्वतंत्रता मिलना नहीं होता।

भारतीय पासपोर्ट पर किन देशों में कर सकते हैं यात्रा?

भारतीय पासपोर्ट धारकों को कई देशों और क्षेत्रों में पहले से वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होती। इनमें भूटान, बारबाडोस, फिजी, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल, थाईलैंड और जमैका जैसे गंतव्य शामिल हैं।

हालांकि, सभी देशों के प्रवेश नियम एक जैसे नहीं हैं। कुछ स्थानों पर वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा मिलती है, जबकि अन्य जगहों पर पहुंचने के बाद वीजा या इलेक्ट्रॉनिक यात्रा अनुमति लेनी पड़ सकती है। ठहरने की अवधि और अन्य शर्तें भी अलग-अलग हो सकती हैं।

इसलिए विदेश यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित देश की आधिकारिक आव्रजन वेबसाइट पर नियमों की जांच करना जरूरी है। केवल पासपोर्ट सूचकांक में शामिल होने के आधार पर यह नहीं मानना चाहिए कि वहां प्रवेश के लिए किसी भी तरह की औपचारिकता नहीं होगी।

कैसे तय होती है पासपोर्ट की रैंकिंग?

हेनले पासपोर्ट सूचकांक तैयार करने के लिए अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) के आंकड़ों और यात्रा संबंधी जानकारी का इस्तेमाल किया जाता है। इस सूचकांक में 199 पासपोर्ट और 227 यात्रा गंतव्यों को शामिल किया जाता है।

इसमें प्रत्येक पासपोर्ट को इस आधार पर अंक दिए जाते हैं कि उसके धारक किसी गंतव्य पर पहले से वीजा लिए बिना पहुंच सकते हैं या नहीं। वीजा-मुक्त प्रवेश के अलावा, कुछ परिस्थितियों में आगमन पर वीजा और इलेक्ट्रॉनिक यात्रा अनुमति की सुविधा भी गणना में शामिल होती है। अधिक गंतव्यों तक आसान पहुंच वाले पासपोर्ट को आम तौर पर ऊंची रैंक मिलती है।

भारतीय यात्रियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सूची?

मजबूत पासपोर्ट होने से अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बनाना आसान हो सकता है। यात्रियों को कई गंतव्यों के लिए पहले से वीजा आवेदन, दस्तावेज जमा करने और प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। इससे समय और कुछ अतिरिक्त खर्च बचाने में मदद मिल सकती है।

भारत की रैंकिंग में सुधार सकारात्मक संकेत है, लेकिन बिना पहले से वीजा लिए यात्रा योग्य गंतव्यों की संख्या में कमी एक महत्वपूर्ण पहलू है। भारतीय यात्रियों के लिए वास्तविक सुविधा इस बात पर निर्भर करेगी कि वे किस देश की यात्रा करना चाहते हैं और वहां प्रवेश के लिए कौन-से नियम लागू हैं।

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