मुंबई: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़ों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार की भूमिका पर अपना रुख स्पष्ट किया। राउत ने कहा कि शरद पवार ने जो बात कही है, वह उनके लिए स्पष्ट है और उन्हें भरोसा है कि पवार विपक्षी गठबंधन की राजनीति में अपनी मौजूदा भूमिका जारी रखेंगे। उन्होंने शरद पवार को INDIA गठबंधन और महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी का महत्वपूर्ण घटक बताया।
राउत के मुताबिक, शरद पवार के परिवार से जुड़े राजनीतिक या व्यक्तिगत फैसले उनका निजी विषय हैं, लेकिन पवार की राजनीति और गठबंधन संबंधी रुख को अलग संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पवार लंबे समय से भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के विरोध में अपनी राजनीतिक भूमिका रखते आए हैं। हालांकि, दोनों एनसीपी धड़ों के बीच किसी संभावित विलय को लेकर अलग-अलग समय पर तरह-तरह की अटकलें सामने आती रही हैं। जुलाई में भी राउत ने कहा था कि दोनों गुटों के पुनर्मिलन की चर्चा काफी समय से चल रही है, लेकिन एनसीपी (SP) के नेताओं की ओर से ऐसी संभावना से इनकार किया गया था।
दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के दोनों धड़ों के बीच संभावित नजदीकी को लेकर पिछले कुछ महीनों से चर्चा जारी है। सितंबर में रोहित पवार ने भी कहा था कि दोनों गुटों के बीच दोबारा साथ आने की संभावना तभी बन सकती है, जब अजित पवार के नेतृत्व वाला गुट भाजपा के साथ गठबंधन से बाहर आए। इस बयान के बाद एक बार फिर विलय को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई।
राउत ने INDIA गठबंधन की प्रस्तावित बैठक को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल होने के लिए उद्धव ठाकरे ने भी तैयारी की थी, लेकिन मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों और आंदोलन की तैयारियों के कारण उन्हें समय का समायोजन करना पड़ा। राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे सहित शिवसेना (UBT) के नेता बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों का विरोध हाल के दिनों में तेज हुआ है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं तथा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या हटाने की मांग की है। 30 सितंबर को INDIA गठबंधन की बैठक में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे में राउत के बयान को महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और एनसीपी के दोनों धड़ों को लेकर जारी राजनीतिक चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल दोनों एनसीपी धड़ों के विलय को लेकर अंतिम निर्णय की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।