मुंबई: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद क्रिकेट प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सल्यूट तिरंगा क्रिकेट लीग (एसटीसीएल) ने मुंबई में सल्यूट तिरंगा क्रिकेट कॉन्क्लेव का आयोजन किया। अंधेरी वेस्ट स्थित द क्लब में हुए इस कार्यक्रम में क्रिकेट, खेल और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोग शामिल हुए। आयोजन में जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़ाने, प्रतिभा खोज को व्यापक बनाने और आर्थिक संसाधनों की कमी से जूझ रहे खिलाड़ियों को सहयोग देने पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में एसटीसीएल के लीग कमिश्नर और पूर्व भारतीय क्रिकेटर चेतन शर्मा, अध्यक्ष डॉ. राजेश झा, उपाध्यक्ष रवि चिकारा, निदेशक मुकेश कुमार सिंह, परियोजना निदेशक एवं कार्यकारी समिति के अध्यक्ष हरजीत सिंह आनंद, रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3141 के गवर्नर राजन दुआ, रोटरी क्लब ऑफ मुंबई खार के अध्यक्ष मुकेश सहगल और अंतरराष्ट्रीय पहलवान संग्राम सिंह सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
एसटीसीएल के लीग कमिश्नर चेतन शर्मा ने कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन सभी को अपनी क्षमता दिखाने के लिए जरूरी संसाधन और उचित मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि लीग का प्रयास ऐसे खिलाड़ियों को तलाशना है, जिन्हें प्रशिक्षण, कोचिंग और अनुभवी लोगों की सलाह उपलब्ध कराई जा सके। शर्मा के मुताबिक क्रिकेट ने उन्हें और कई खिलाड़ियों को पहचान दिलाई है और अब युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए योगदान देने की जरूरत है।
एसटीसीएल की ओर से देशभर में प्रतिभा खोज अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत लखनऊ, पटना, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, दिल्ली, जयपुर और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, चयन प्रक्रिया का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है, जबकि बाकी ट्रायल भी अलग-अलग स्थानों पर जारी हैं। बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी इन ट्रायल में हिस्सा ले रहे हैं।
लीग के उपाध्यक्ष रवि चिकारा ने बताया कि एसटीसीएल का फोकस उन क्रिकेटरों तक पहुंचना है, जिन्हें अब तक उचित मंच नहीं मिल सका है। उनके अनुसार, पहले सीजन के लिए देश के 10 शहरों में स्टेडियम निर्धारित किए गए हैं और अलग-अलग स्थानों पर चयनकर्ताओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने निशुल्क पंजीकरण कराया है और खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया चेतन शर्मा के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाई जा रही है।
एसटीसीएल के पदाधिकारियों ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों को अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके क्रिकेटरों से सीखने का अवसर देने की योजना है। इसके तहत करीब 12 से 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को मार्गदर्शन से जोड़ने की बात कही गई। एसटीसीएल अध्यक्ष डॉ. राजेश झा ने कहा कि लीग का उद्देश्य केवल क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि ऐसे खिलाड़ियों को अवसर उपलब्ध कराना है जो सुविधाओं की कमी के कारण अपनी प्रतिभा को बड़े मंच तक नहीं पहुंचा पाते। उन्होंने कहा कि पंजीकरण से लेकर खेलने तक की प्रक्रिया को खिलाड़ियों के लिए निशुल्क रखने की दिशा में काम किया जा रहा है। डॉ. झा ने लीग में अनुभवी क्रिकेटरों, रणजी स्तर के खिलाड़ियों, अंपायरों और कमेंटेटरों को जोड़ने की जानकारी दी।
लीग के विस्तार को लेकर आयोजकों ने राजस्थान के नाथद्वारा स्थित मिराज इंटरनेशनल स्टेडियम का भी उल्लेख किया। एसटीसीएल की योजना मौजूदा आठ टीमों के ढांचे को भविष्य में विस्तार देने की है। आयोजकों का कहना है कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय पहलवान और युवा खेल प्रेरक संग्राम सिंह ने भी एसटीसीएल के प्रयासों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत के साथ सही मंच, प्रशिक्षण और अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन भी जरूरी है। उनके अनुसार, युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने और विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलने से उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है। इस पहल में रोटरी क्लब ऑफ मुंबई खार भी एसटीसीएल के साथ सहयोग कर रहा है। रोटरी क्लब के अध्यक्ष मुकेश सहगल और एसटीसीएल के परियोजना निदेशक हरजीत सिंह आनंद ने दोनों संस्थाओं के साझा प्रयासों पर चर्चा की।
एसटीसीएल के निदेशक मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि गांवों और शहरों दोनों जगह युवाओं में क्रिकेट के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने कहा कि इस ऊर्जा को सही दिशा देकर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की जा सकती है और उन्हें प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम में सल्यूट तिरंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (युवा) नवीन कुमार के योगदान का भी उल्लेख किया गया। संगठन की विभिन्न गतिविधियों के साथ जुड़े नवीन कुमार एसटीसीएल की पहल का हिस्सा हैं और हरियाणा टीम के स्वामी के रूप में भी लीग से जुड़े हैं।
आयोजकों के मुताबिक एसटीसीएल का राष्ट्रव्यापी अभियान जमीनी स्तर के क्रिकेटरों को पहचान दिलाने पर केंद्रित है। ट्रायल के जरिए खिलाड़ियों का चयन, अनुभवी क्रिकेटरों से मार्गदर्शन, आर्थिक बाधाओं को कम करना और व्यापक मंच उपलब्ध कराना इस पहल के प्रमुख हिस्से बताए गए हैं। लीग का उद्देश्य ऐसे क्रिकेटरों को आगे लाना है, जिनके पास प्रतिभा तो है, लेकिन सुविधाओं और अवसरों की कमी के कारण वे अपनी क्षमता का प्रदर्शन बड़े स्तर पर नहीं कर पाए हैं। एसटीसीएल का दावा है कि आने वाले चरणों में इस नेटवर्क को और विस्तारित कर अधिक शहरों और खिलाड़ियों को इससे जोड़ने की योजना है।