नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अब तक 22 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। इनमें 14 नाविक शामिल हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। मंत्रालय ने क्षेत्र में भारतीय नागरिकों, कामगारों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि संघर्ष क्षेत्र में 22 भारतीय नागरिकों की जान गई है। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि भारतीय राजनयिक मिशन वहां रह रहे भारतीय समुदाय और समुद्री कर्मचारियों के लगातार संपर्क में हैं।
प्रवक्ता ने सऊदी अरब में क्षेत्रीय तनाव से जुड़े घटनाक्रमों में तीन भारतीय नागरिकों की मौत की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय के अधिकारी और राजनयिक मिशन सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि पश्चिम एशिया में स्थित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं। इनका उद्देश्य भारतीय कामगारों, नाविकों और अन्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। क्षेत्र में तनाव के कारण समुद्री गतिविधियों और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।
इस बीच, जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सऊदी अरब में उड़ानों में व्यवधान से प्रभावित भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से उमराह यात्रियों के लिए नई यात्रा सलाह जारी की है। इसमें भारत लौटने के लिए उपलब्ध अतिरिक्त उड़ानों की जानकारी दी गई है।
वाणिज्य दूतावास के अनुसार, जेद्दा और मदीना से सऊदी एयरलाइंस सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियां भारत के लिए उड़ानें संचालित कर रही हैं।
इसके अलावा, दम्माम और रियाद से फ्लाईनास ने लखनऊ, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, कोझिकोड और कोच्चि सहित कई भारतीय शहरों के लिए अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की है।
क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारतीय अधिकारी नागरिकों की सहायता और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए संपर्क बनाए हुए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति और संबंधित विमानन कंपनी की ओर से जारी निर्देशों की पुष्टि कर लें।