नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से लोगों की परेशानी बढ़ रही है, वहीं राजस्थान में तेज बारिश और आंधी की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश होने के आसार हैं। दूसरी ओर, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की ऊंची चोटियों पर अक्टूबर में ही बर्फबारी होने से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के 15 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। बारिश के कारण पहले से प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।
लखनऊ में बाढ़ का संकट लगातार बना हुआ है। शहर के कई इलाकों में लगातार 15वें दिन भी पानी भरा है। कॉलोनियों में करीब तीन फीट तक जलभराव होने से लोगों को आवागमन और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई घरों और बस्तियों में पानी घुसने से स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में प्रभावित इलाकों में जल निकासी, राहत और बचाव कार्यों की जरूरत बनी हुई है।
राजस्थान में मौसम विभाग ने 16 जिलों में तेज बारिश और आंधी की आशंका के मद्देनजर यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम में बदलाव के कारण कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।
आंधी और बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत है।
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य में अगले चार दिनों तक बारिश हो सकती है। मौसम में बदलाव का असर खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और चंबा की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने की संभावना है। बारिश और बर्फबारी से तापमान में गिरावट आ सकती है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में छिपलाकोट की ऊंची चोटियां अक्टूबर में ही बर्फ से ढक गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां करीब एक दशक बाद अक्टूबर महीने में बर्फबारी दर्ज की गई है। सामान्य तौर पर इन चोटियों पर दिसंबर और जनवरी के दौरान बर्फबारी देखने को मिलती है।
अक्टूबर में बर्फबारी होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के आसार हैं। पहाड़ी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव, राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट, हिमाचल में पश्चिमी विक्षोभ और उत्तराखंड में शुरुआती बर्फबारी मौसम की अलग-अलग स्थितियों को दर्शाते हैं। खासकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बारिश का नया दौर लोगों की परेशानियां बढ़ा सकता है।
मौसम संबंधी सलाह: घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान देखें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भरे हुए पानी से गुजरने से बचें और पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।