असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में राज्य सरकार की ओर से ‘नॉर्थ-ईस्ट सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ शुरू किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य असम में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी वास्तविक समस्याओं के लिए देशभर के युवाओं और नवाचार से जुड़े लोगों से नए और व्यावहारिक समाधान हासिल करना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल को ‘सेवा और संकल्प अभियान’ की भावना के अनुरूप आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरमा ने बताया कि इनोवेशन चैलेंज के तहत कुल 50 ऐसी समस्याओं को शामिल किया गया है, जिनका सामना आम लोगों के साथ-साथ राज्य सरकार को अपने दैनिक कामकाज के दौरान करना पड़ता है। इन समस्याओं को सामने रखने का उद्देश्य केवल उनकी पहचान करना नहीं है, बल्कि तकनीक, रचनात्मक सोच और नए विचारों के जरिए उनके संभावित समाधान तलाशना भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चैलेंज की खास बात यह है कि समस्याएं असम से संबंधित हैं, लेकिन उनके समाधान के लिए किसी एक क्षेत्र या राज्य तक सीमित नहीं रहा जाएगा। देशभर के युवाओं को इस पहल में भाग लेने का अवसर दिया गया है। इसके जरिए अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में काम कर रहे युवा अपनी सोच, तकनीकी क्षमता और अनुभव के आधार पर असम की स्थानीय चुनौतियों के लिए नए विचार प्रस्तुत कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि किसी समस्या का समाधान हमेशा उसी स्थान से आए, यह जरूरी नहीं है जहां वह समस्या मौजूद है। अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के अनुभव और विशेषज्ञता को जोड़कर कई बार ऐसे विकल्प सामने आ सकते हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर तुरंत सोचा नहीं गया हो। इसी विचार के आधार पर राज्य सरकार ने इस चैलेंज को व्यापक स्तर पर युवाओं के लिए खोलने का फैसला किया है।
सरमा के अनुसार, प्रतियोगिता के दौरान प्राप्त विचारों में से प्रत्येक समस्या के लिए दो या तीन प्रस्तावों का चयन किया जाएगा। इसके बाद चयनित विचारों का आगे मूल्यांकन किया जाएगा ताकि यह समझा जा सके कि उनमें से किन प्रस्तावों को वास्तविक समाधान के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसका मतलब केवल किसी विचार को प्रतियोगिता में पुरस्कृत करना नहीं होगा, बल्कि उपयोगी विचारों को व्यवहारिक रूप देने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस पहल को असम में अपनी तरह का एक नया आयोजन बताया। उनके मुताबिक, सरकार चाहती है कि युवाओं की रचनात्मक क्षमता और तकनीकी सोच को सार्वजनिक समस्याओं के समाधान से जोड़ा जाए। इससे प्रशासन के सामने मौजूद चुनौतियों को समझने और उनके लिए नए तरीके विकसित करने में मदद मिल सकती है।
‘नॉर्थ-ईस्ट सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के जरिए राज्य सरकार ने देश के युवा नवप्रवर्तकों, विद्यार्थियों, स्टार्टअप से जुड़े लोगों और समस्या-समाधान में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया है। पहल का फोकस ऐसी सोच को प्रोत्साहित करना है जो वास्तविक जीवन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयोगी और लागू किए जा सकने वाले समाधान तैयार कर सके।
मुख्यमंत्री ने देशभर के युवाओं से इस चैलेंज में भाग लेने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि अलग-अलग हिस्सों से आने वाले प्रतिभागी असम की 50 चिन्हित समस्याओं के लिए नए विचार प्रस्तुत करेंगे। सरकार द्वारा चुने गए विचारों को आगे विकसित करने की प्रक्रिया से यह भी पता चलेगा कि प्रतियोगिता में सामने आए प्रस्तावों में से कितने वास्तविक प्रशासनिक या सामाजिक उपयोग के समाधान में बदले जा सकते हैं।
इस पहल के जरिए असम सरकार ने स्थानीय समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर की नवाचार क्षमता से जोड़ने का प्रयास किया है। यदि चयनित विचारों को सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो वे संबंधित समस्याओं के समाधान के साथ-साथ भविष्य में अन्य क्षेत्रों में भी उपयोगी मॉडल के रूप में सामने आ सकते हैं।