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कैबिनेट का फैसला, MSME के लिए बनेगा 10 हजार करोड़ का फंड

MSME सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम कारोबार इसी क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं और ये स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा उत्पादन के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। हालांकि कई कंपनियों के सामने कारोबार बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए पूंजी जुटाने की चुनौती रहती है...

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  • October 6, 2026 4:07 pm IST, Published 41 minutes ago
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स ढांचे के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों यानी MSME सेक्टर को लेकर दो अहम फैसले किए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार देश में एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही MSME कंपनियों को विस्तार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये का फंड बनाने का फैसला किया गया है।

केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, सरकार का पहला बड़ा निर्णय देश के अलग-अलग परिवहन माध्यमों और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को एकीकृत तरीके से विकसित करने से संबंधित है। मौजूदा समय में सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई परिवहन और अन्य माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय को आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें माल और यात्रियों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित, तेज और प्रभावी हो सके।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दुनिया के कई देशों में परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी योजनाओं को एक व्यापक और एकीकृत ढांचे के तहत संचालित किया जा रहा है। इसी दिशा में भारत में भी एक ऐसी संस्था गठित करने का फैसला लिया गया है, जो देश की ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स योजना को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का काम करेगी। इस प्रस्तावित व्यवस्था से अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना बनाते समय भविष्य की जरूरतों, माल ढुलाई की बढ़ती मांग और परिवहन नेटवर्क की क्षमता को ध्यान में रखने की कोशिश की जाएगी।

सरकार के इस कदम को देश की लॉजिस्टिक्स लागत और परिवहन व्यवस्था को अधिक कुशल बनाने की व्यापक कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है। कैबिनेट का दूसरा महत्वपूर्ण फैसला MSME क्षेत्र से जुड़ा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि छोटी और मध्यम कंपनियों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये का फंड स्थापित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऐसी MSME कंपनियों को ग्रोथ कैपिटल उपलब्ध कराना है, जिनमें विस्तार और रोजगार सृजन की क्षमता है।

MSME सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम कारोबार इसी क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं और ये स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा उत्पादन के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। हालांकि कई कंपनियों के सामने कारोबार बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए पूंजी जुटाने की चुनौती रहती है। 10,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित फंड से ऐसे कारोबारों को विकास के लिए वित्तीय समर्थन मिलने की उम्मीद है। इससे कंपनियों को अपने कारोबार का विस्तार करने, निवेश बढ़ाने और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

कैबिनेट के दोनों फैसलों को व्यापक आर्थिक विकास के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सरकार परिवहन और लॉजिस्टिक्स के लिए दीर्घकालिक एवं समन्वित योजना तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर MSME कंपनियों के लिए ग्रोथ कैपिटल की व्यवस्था करने की पहल की गई है।

सरकार की कोशिश है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत छोटे-बड़े कारोबारी नेटवर्क के जरिए देश की आर्थिक गतिविधियों को गति दी जाए। आने वाले समय में इन दोनों फैसलों के तहत बनने वाली संस्थागत और वित्तीय व्यवस्थाओं के विस्तृत प्रावधान सामने आने के बाद इनके प्रभाव का आकलन अधिक स्पष्ट रूप से किया जा सकेगा।

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