नयी दिल्लीः दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर व्यापारियों की चिंताएं सामने आने लगी हैं। व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) की ओर से राहुल गांधी के नाम एक और पत्र जारी किया गया है। इसमें मांग की गई है कि यदि रैली आयोजित करना जरूरी है, तो रामलीला मैदान के बजाय बुराड़ी के मैदान में कार्यक्रम किया जाए। संगठन का कहना है कि रामलीला मैदान में रैली होने से मध्य दिल्ली के बड़े हिस्से में यातायात प्रभावित हो सकता है, जिसका सीधा असर कारोबार और आम लोगों की आवाजाही पर पड़ने की आशंका है।
CTI की ओर से यह पत्र राहुल गांधी के हालिया वीडियो संदेश के संदर्भ में जारी किया गया है। संगठन ने रैली के संभावित प्रभावों को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते हुए आयोजन स्थल बदलने का सुझाव दिया है। व्यापारियों का तर्क है कि रामलीला मैदान के आसपास दिल्ली के कई प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र स्थित हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं और रोजाना हजारों दुकानदारों का कारोबार होता है। ऐसे में किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रतिबंध और भीड़भाड़ से बाजारों में ग्राहकों की पहुंच प्रभावित हो सकती है।
पत्र में CTI ने पहले हुए प्रदर्शनों का उदाहरण भी दिया है। संगठन के मुताबिक, इससे पहले जंतर-मंतर पर आयोजित एक प्रदर्शन में कुछ हजार लोगों के शामिल होने के बावजूद मध्य दिल्ली के कई इलाकों में आवाजाही और व्यापार पर असर पड़ा था। CTI का दावा है कि उस प्रदर्शन के कारण कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। संगठन ने नुकसान की राशि हजारों करोड़ रुपये तक होने की बात कही है। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
व्यापारी संगठन का कहना है कि यदि रामलीला मैदान में बड़े स्तर पर रैली आयोजित होती है, तो उसका प्रभाव पहले के मुकाबले अधिक व्यापक हो सकता है। CTI के अनुसार, इससे दिल्ली के करीब 21 बाजार प्रभावित होने की आशंका है। संगठन ने विशेष रूप से दिवाली से पहले के कारोबारी समय का उल्लेख करते हुए कहा है कि इस अवधि में दुकानदारों के लिए बिक्री बेहद महत्वपूर्ण होती है। त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ती है और व्यापारी लंबे समय से इस सीजन की तैयारियां करते हैं। ऐसे समय में यातायात बाधित होने और ग्राहकों की आवाजाही कम होने से कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
CTI ने अपने पत्र में यह भी चिंता जताई है कि रैली के दौरान सड़कों पर भीड़ बढ़ने, वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने और सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मध्य दिल्ली में स्थित बाजारों तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। किसी बड़े आयोजन के दौरान मार्गों में बदलाव या यातायात प्रतिबंध लागू होने पर खरीदारों के साथ-साथ दुकानदारों, कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इसी आधार पर CTI ने राहुल गांधी से अपील की है कि रैली के लिए वैकल्पिक स्थान पर विचार किया जाए। संगठन ने बुराड़ी के मैदान को संभावित विकल्प के रूप में सुझाया है। व्यापारियों का मानना है कि आयोजन स्थल बदलने से राजनीतिक कार्यक्रम भी हो सकेगा और राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों पर पड़ने वाले संभावित दबाव को भी कम किया जा सकेगा।
इस मामले में अब रैली के आयोजकों की प्रतिक्रिया और प्रशासन की ओर से आयोजन स्थल तथा यातायात व्यवस्था को लेकर लिए जाने वाले फैसलों पर नजर रहेगी। फिलहाल CTI ने व्यापारियों के हितों, त्योहारों से पहले कारोबार की अहमियत और आम जनता की सुविधा का हवाला देते हुए रामलीला मैदान के बजाय बुराड़ी में रैली आयोजित करने की मांग उठाई है। संगठन की ओर से व्यक्त की गई आर्थिक नुकसान संबंधी आशंकाएं उसके दावों पर आधारित हैं; वास्तविक प्रभाव का आकलन आयोजन की परिस्थितियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के आधार पर ही किया जा सकेगा।