इस दौरान सुधांशु त्रिवेदी ने गरीबी उन्मूलन के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विश्व बैंक की वर्ष 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि भारत ने वर्ष 2011 से 2023 के बीच गरीबी कम करने के मामले में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार, इस अवधि में भारत ने तेजी से गरीबी घटाने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की आर्थिक नीतियों और विकास से जुड़े प्रयासों का परिणाम है।
भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग के जीवनस्तर में सुधार करना है। उन्होंने दावा किया कि सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है। त्रिवेदी के मुताबिक, गरीबी उन्मूलन केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएं, रोजगार के अवसर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कई योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। भाजपा नेता ने कहा कि गरीबी कम करने में मिली सफलता देश के लिए महत्वपूर्ण है और सरकार इसी दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगी।
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को देश की उपलब्धियों और विकास से जुड़े विषयों पर गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए। उनके अनुसार, संसद लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनता से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श होना चाहिए। ऐसे में मॉक पार्लियामेंट जैसे आयोजनों को लेकर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। भाजपा सांसद के इस बयान से एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव सामने आया है। एक तरफ कांग्रेस अपनी राजनीतिक गतिविधियों और मॉक पार्लियामेंट के जरिए सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा इसे लेकर विपक्ष पर निशाना साध रही है।
गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास को लेकर भी दोनों दलों के बीच राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं। भाजपा जहां केंद्र सरकार की उपलब्धियों को सामने रख रही है, वहीं विपक्ष की ओर से सरकारी नीतियों और उनके वास्तविक प्रभाव पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में गरीबी, विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका राजनीतिक चर्चा के प्रमुख विषय बने रह सकते हैं। सुधांशु त्रिवेदी के बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा कांग्रेस के मॉक पार्लियामेंट आयोजन को राजनीतिक मुद्दा बनाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। वहीं, विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देकर केंद्र सरकार की गरीबी उन्मूलन से जुड़ी उपलब्धियों को भी जनता के सामने रखने का प्रयास किया जा रहा है।