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‘नाना’ के निधन पर पीएम मोदी समेत दिग्गजों ने जताया दुख

नाना पाटेकर का फिल्मी सफर कई दशकों तक फैला रहा। मराठी रंगमंच से शुरुआत करने के बाद उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’ और कई अन्य फिल्मों में उनके अभिनय ने उन्हें

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  • October 8, 2026 10:50 am IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। 75 वर्षीय अभिनेता ने गुरुवार को गोवा में अंतिम सांस ली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक उन्हें तड़के तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अस्पताल की ओर से बताया गया कि नाना पाटेकर को गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था और करीब 45 मिनट तक सीपीआर देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने अभिनेता के परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि नाना पाटेकर की अभिनय क्षमता, अलग अंदाज और पर्दे पर उनकी प्रभावशाली मौजूदगी बेहद खास थी। उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदारों को अपनी शैली में जीवंत किया और उनके कई किरदार लंबे समय तक दर्शकों की स्मृति में बने रहेंगे। प्रधानमंत्री ने हिंदी और मराठी सिनेमा में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके निधन को कला जगत के लिए बड़ी क्षति करार दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अभिनेता के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पांच दशक से अधिक लंबे करियर में नाना पाटेकर ने अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। शाह ने उनके सामाजिक सरोकारों का भी उल्लेख किया और कहा कि नाना ने लोकप्रियता हासिल करने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखा। उन्होंने नाम फाउंडेशन के जरिए किसानों और ग्रामीण परिवारों से जुड़े कामों तथा सैनिकों के प्रति उनके सम्मान को भी याद किया।

राहुल गांधी ने प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने शानदार अभिनय और अलग-अलग यादगार किरदारों के जरिए भारतीय सिनेमा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। राहुल गांधी ने कहा कि उनका निधन फिल्म जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों के लिए भी बड़ी क्षति है। उन्होंने दिवंगत अभिनेता के परिवार, मित्रों और उनके चाहने वालों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वह सभी के साथ खड़े हैं। उन्होंने नाना पाटेकर की कला और योगदान को श्रद्धापूर्वक याद किया।

नाना पाटेकर के निधन पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार सहित कई अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी। पवार ने अभिनेता के कला के साथ सामाजिक सरोकारों को भी याद किया। अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और फिल्म जगत के लोगों ने नाना पाटेकर को बहुआयामी कलाकार बताते हुए उनके निधन पर दुख जताया।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने नाना पाटेकर के निधन को अपने लिए व्यक्तिगत क्षति बताया। उन्होंने कहा कि अभिनेता से उनके करीबी और दोस्ताना संबंध थे। सावंत के मुताबिक नाना जब भी गोवा आते थे, उनसे संपर्क करते थे और कई बार व्यक्तिगत तौर पर मिलने भी पहुंचते थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ दिन पहले ही नाना गोवा के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने कलाकारों के साथ मंच पर प्रस्तुति भी दी थी। सावंत ने कहा कि उन्हें नाना के निधन की सूचना सुबह मिली और इस खबर ने उन्हें बेहद दुखी कर दिया।

सावंत ने नाना पाटेकर के सामाजिक कामों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं थे, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए भी काम करते थे। नाम फाउंडेशन के माध्यम से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मदद करने के उनके प्रयासों को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। नाना गोवा में भी सामाजिक क्षेत्र में कई काम करना चाहते थे।

नाना पाटेकर का फिल्मी सफर कई दशकों तक फैला रहा। मराठी रंगमंच से शुरुआत करने के बाद उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाई। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘वेलकम’, ‘अपहरण’, ‘राजनीती’ और कई अन्य फिल्मों में उनके अभिनय ने उन्हें अलग मुकाम दिया। उनकी पहचान खास तौर पर तीखे संवाद, गंभीर किरदार और भावनाओं को प्रभावशाली तरीके से पर्दे पर उतारने वाले अभिनेता के रूप में बनी। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

 

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