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राहुल गांधी का ऐलान, 1 नवंबर को दिल्ली में वोट बचाओ देश बचाओ महारैली

राहुल गांधी ने अपने संदेश में जोर दिया कि वोट केवल चुनाव में भाग लेने का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार का आधार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार के प्रति जागरूक रहें और मतदाता सूची में अपना नाम तथा संबंधित विवरण जांचते रहें

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Gauravshali Bharat News
  • October 25, 2026 4:00 pm IST, Published 6 minutes ago

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र और संबंधित चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इन मुद्दों पर चुप नहीं बैठेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मतदाता सूचियों से नाम हटाने, नियमों के कथित उल्लंघन और सवाल उठाने वालों के खिलाफ बल प्रयोग जैसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर देश की जनता को अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब और तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।

राहुल गांधी ने इन मुद्दों को लेकर 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली आयोजित करने का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों से इसमें शामिल होकर लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़े सवालों पर अपनी आवाज उठाने की अपील की।

कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र को लेकर चिंतित हर वर्ग को इस पहल में भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और व्यापारियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों से रैली में शामिल होने का आग्रह किया। राहुल गांधी के मुताबिक, मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है और इसकी सुरक्षा के लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित इस कार्यक्रम को मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी लंबे समय से मतदाता सूचियों की शुद्धता, चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाती रही है।

इस रैली के जरिए कांग्रेस इन विषयों पर जनसमर्थन जुटाने का प्रयास कर सकती है। राहुल गांधी ने अपने संदेश में जोर दिया कि वोट केवल चुनाव में भाग लेने का माध्यम नहीं, बल्कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकार का आधार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने मताधिकार के प्रति जागरूक रहें और मतदाता सूची में अपना नाम तथा संबंधित विवरण जांचते रहें। मतदाता सूची में किसी तरह की त्रुटि सामने आने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन करना भी महत्वपूर्ण है।

इस बीच, 1 नवंबर को होने वाले प्रस्तावित मार्च और महारैली को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कांग्रेस के सामने इस कार्यक्रम के माध्यम से अपने समर्थकों और आम नागरिकों को एक मंच पर लाने की चुनौती होगी। वहीं, इस आयोजन में भागीदारी और उठाए जाने वाले मुद्दों पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।

मतदाता सूची से जुड़े विवादों के बीच पारदर्शिता, शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे और चुनावी प्रक्रिया पर जनता के भरोसे का सवाल महत्वपूर्ण बना हुआ है। राहुल गांधी ने अपने बयान के जरिए इसी मुद्दे को केंद्र में रखा है। अब सबकी नजर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम पर रहेगी और यह देखना होगा कि इसमें कितनी भागीदारी होती है तथा इसके बाद राजनीतिक बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।

 

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