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खरगे के बचाव में उतरे शशि थरूर, बोले- बयान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया

शशि थरूर की राजनीतिक भूमिका भी चर्चा में है। वर्ष 2022 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में खरगे को जीत मिली थी और उन्होंने पार्टी की कमान संभाली थी। इसके बाद कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर थरूर ने ऐसे विचार भी रखे, जिन्हें कांग्रेस के कुछ नेताओं से अलग माना गया।

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  • October 26, 2026 4:53 pm IST, Published 59 minutes ago

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक कथित विवादित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने खरगे का बचाव करते हुए कहा है कि देश में कई बार बयानों को जरूरत से ज्यादा तूल दिया जाता है। उनके मुताबिक, खरगे की बात को जिस तरह पेश किया जा रहा है, उससे विवाद बढ़ रहा है। दूसरी ओर, भाजपा ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा है।

यह विवाद बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर किया गया था। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राजनीतिक संबोधन कर रहे थे। इसी बीच एक व्यक्ति की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी किए जाने के बाद खरगे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उनके जवाब में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर विवाद खड़ा हो गया और भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधना शुरू कर दिया।

दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान शशि थरूर से इस विवाद के बारे में सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि देश में कई बार छोटी बातों को बढ़ाकर पेश करने और राजनीतिक मुद्दों पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। थरूर ने खरगे का समर्थन करते हुए संकेत दिया कि उनके बयान को उसके संदर्भ में समझने की जरूरत है। हालांकि, इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष की भाषा राजनीतिक संवाद की मर्यादा के अनुरूप नहीं थी। पार्टी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति असम्मानजनक टिप्पणी बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से स्पष्टीकरण और खेद जताने की मांग की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध के दौरान भी सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा बनाए रखना जरूरी है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी कांग्रेस पर लगातार हमलावर है।

कांग्रेस की ओर से इस मामले में बचाव की कोशिश की जा रही है। शशि थरूर का बयान इसी प्रतिक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का रुख है कि बयान को लेकर जिस तरह राजनीतिक विवाद बनाया जा रहा है, वह वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास है। हालांकि, विवादित टिप्पणी के अर्थ और उसकी उपयुक्तता को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

इस घटनाक्रम के बीच शशि थरूर की राजनीतिक भूमिका भी चर्चा में है। वर्ष 2022 में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में खरगे को जीत मिली थी और उन्होंने पार्टी की कमान संभाली थी। इसके बाद कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर थरूर ने ऐसे विचार भी रखे, जिन्हें कांग्रेस के कुछ नेताओं से अलग माना गया। कुछ मौकों पर उनके बयानों को लेकर पार्टी के भीतर असहजता की खबरें भी सामने आईं।

हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में थरूर कई मुद्दों पर कांग्रेस के आधिकारिक रुख के समर्थन में बोलते नजर आए हैं। खरगे के बचाव में उनकी ताजा प्रतिक्रिया को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, किसी बयान के पीछे उनकी राजनीतिक रणनीति या मंशा के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल, खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद जारी है। भाजपा इसे अनुचित भाषा का मामला बता रही है, जबकि थरूर ने बयान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने पर सवाल उठाए हैं। इस राजनीतिक टकराव के बीच सार्वजनिक जीवन में नेताओं की भाषा, राजनीतिक असहमति और व्यक्तिगत सम्मान को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।

 

 

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