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बीजेपी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और राजनीतिक गतिविधियों पर साधा निशाना

भाटिया ने मार्च 2023 में राहुल गांधी की विदेश यात्रा के दौरान दिए गए एक बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने विदेशी धरती से भारत के आंतरिक मामलों में बाहरी शक्तियों के हस्तक्षेप की बात कही थी। इस मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी नेता ने सवाल किया कि क्या किसी विपक्षी नेता के लिए इस तरह की अपील उचित है। इस आरोप पर...

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  • October 22, 2026 5:45 pm IST, Published 39 minutes ago

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों और विदेश में दिए गए बयानों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके कुछ विरोध प्रदर्शनों के तार विदेशी संगठनों से जुड़ते हैं। भाटिया ने कहा कि विपक्ष के नेता को देश की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। हालांकि, विदेशी संगठनों और राहुल गांधी के बीच कथित संबंधों को लेकर बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान गौरव भाटिया ने विदेशी मीडिया की एक कथित जांच का हवाला देते हुए दावा किया कि कुछ देशों में सरकारों के खिलाफ हुए आंदोलनों और भारत में राहुल गांधी के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच संबंध तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई देशों में सक्रिय संगठन एक ऐसा नेटवर्क बनाते हैं, जिसके जरिए निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश की जाती है। भाटिया ने इन दावों के आधार पर कांग्रेस और राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए।

बीजेपी प्रवक्ता ने प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल नामक संगठन का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस संगठन के संबंध कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट पर इससे संबंधित तस्वीरें साझा की गई हैं। भाटिया ने सवाल किया कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठकों में किन मुद्दों पर चर्चा होती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर विपक्ष के विरोध का व्यापक राजनीतिक उद्देश्य है। भाटिया ने अपने संबोधन में फ्रांस और स्पेन सहित कुछ देशों में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में विरोध प्रदर्शनों के तौर-तरीकों को भी इसी तरह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

हालांकि, उनके इन दावों के समर्थन में प्रेस वार्ता के दौरान प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन जरूरी है। किसी संगठन से संपर्क या किसी कार्यक्रम में भागीदारी अपने आप में किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं होती। राहुल गांधी के विदेश दौरे को लेकर भी बीजेपी ने सवाल उठाए। भाटिया ने कहा कि ऐसे समय में जब देश में राजनीतिक मुद्दों पर बहस और विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, तब विपक्ष के नेता की विदेश यात्रा पर स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के पुराने विदेशी दौरों और वहां दिए गए बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि वे भारत के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप की मांग करते रहे हैं। इन बयानों की वास्तविक पृष्ठभूमि और संदर्भ के आधार पर ही उनका आकलन किया जाना चाहिए।

बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें गैर-जिम्मेदार और अपरिपक्व नेता बताया। उन्होंने कहा कि देश के विपक्षी नेतृत्व से अपेक्षा की जाती है कि वह राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रीय हितों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखे। भाटिया ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सरकार को घेरने के लिए विभिन्न मुद्दों को उठाती है और इससे राजनीतिक माहौल प्रभावित होता है। प्रेस वार्ता में भाटिया ने मार्च 2023 में राहुल गांधी की विदेश यात्रा के दौरान दिए गए एक बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने विदेशी धरती से भारत के आंतरिक मामलों में बाहरी शक्तियों के हस्तक्षेप की बात कही थी।

इस मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी नेता ने सवाल किया कि क्या किसी विपक्षी नेता के लिए इस तरह की अपील उचित है। इस आरोप पर निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित बयान का पूरा संदर्भ देखना महत्वपूर्ण है। इस पूरे घटनाक्रम से बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक ओर बीजेपी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल, गौरव भाटिया के बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है और इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आगे भी बयानबाजी होने की संभावना है।

 

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