आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। पार्टी ने पहली सूची में 40 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान को धूरी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा से चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया गया है। इस घोषणा के साथ ही पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
पार्टी की ओर से जारी सूची में कई मौजूदा विधायकों, मंत्रियों और प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह और लुधियाना वेस्ट से संजीव अरोड़ा जैसे नाम भी इसमें शामिल हैं। इसके अलावा अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर और पटियाला सहित राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों की सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए गए हैं।
पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में 40 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा को चुनावी तैयारियों की शुरुआती रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने चुनाव से काफी पहले प्रत्याशियों के नाम सामने रखकर उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने और मतदाताओं के बीच संपर्क बढ़ाने का समय दिया है। घोषित 40 उम्मीदवारों की पूरी सूची इस प्रकार है।
The Aam Aadmi Party hereby announces the following candidates for the Punjab Legislative Assembly Elections, 2027. https://t.co/dsbqLTNwLa
— AAP (@AamAadmiParty) October 31, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर पहले कहा था कि प्रत्याशियों के नाम तय करने में जनता की राय और विधायकों के कामकाज से मिले फीडबैक को महत्व दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने आंतरिक सर्वे और क्षेत्रीय रिपोर्टों के आधार पर नामों पर चर्चा की। इसके अलावा बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को चुनावी चर्चा में प्रमुखता देने की बात भी कही गई है। अब पहली सूची जारी होने के बाद अन्य विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों के नामों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पार्टी की ओर से शेष सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा आगे की प्रक्रिया में की जाएगी। पंजाब विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम अभी चुनाव आयोग की ओर से घोषित नहीं किया गया है। इस घोषणा के साथ आम आदमी पार्टी ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि घोषित उम्मीदवार अपने क्षेत्रों में किस तरह संगठनात्मक गतिविधियां तेज करते हैं और आने वाले समय में अन्य राजनीतिक दल अपनी प्रत्याशी सूची को लेकर क्या रणनीति अपनाते हैं।