ऋषभ पंत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का एक और शानदार उदाहरण पेश किया। मुकाबले के पहले दिन भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ने सिर्फ 27 रन की नाबाद पारी खेली, लेकिन इसी छोटी पारी में उन्होंने ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जिसने उन्हें क्रिकेट इतिहास के खास क्लब में पहुंचा दिया। पंत ने अपनी पारी के दौरान एक छक्का लगाया और इसके साथ ही विदेशी मैदानों पर टेस्ट क्रिकेट में विकेटकीपर के रूप में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
इस उपलब्धि के साथ पंत ने ऑस्ट्रेलिया के महान विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट को पीछे छोड़ दिया। गिलक्रिस्ट ने विदेशी धरती पर टेस्ट मैचों में विकेटकीपर के रूप में 56 छक्के लगाए थे। पंत के खाते में अब ऐसे 57 छक्के दर्ज हो चुके हैं। इस रिकॉर्ड ने एक बार फिर साबित किया कि टेस्ट क्रिकेट में भी पंत की बल्लेबाजी कितनी आक्रामक और प्रभावशाली रही है।
विदेशी मैदानों पर सबसे ज्यादा टेस्ट छक्के लगाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाजों की सूची में पंत अब शीर्ष पर पहुंच गए हैं। गिलक्रिस्ट दूसरे स्थान पर हैं, जबकि भारत के पूर्व कप्तान और महान विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी 37 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक और ऑस्ट्रेलिया के रॉड मार्श भी इस सूची में शामिल हैं।
पंत की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गिलक्रिस्ट को टेस्ट क्रिकेट के सबसे विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से विकेटकीपर की पारंपरिक भूमिका को नई दिशा दी थी। अब पंत ने उनके एक बड़े रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर भारतीय क्रिकेट के लिए नया मुकाम हासिल किया है।
रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ही पंत के सामने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है। टेस्ट क्रिकेट में उनके छक्कों की संख्या 98 हो गई है। अब केवल दो और छक्के लगाते ही वह टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे कर सकते हैं। अगर वह यह उपलब्धि हासिल करते हैं, तो टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से 100 छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बनने की उपलब्धि उनके नाम हो सकती है।
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में भारत की शुरुआत भी काफी मजबूत रही। पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम ने दो विकेट खोकर 288 रन बना लिए थे। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 131 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया। पडिक्कल की इस पारी ने भारतीय पारी को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत को हालांकि शुरुआती दौर में कुछ झटके भी लगे। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर रन आउट हो गए, जबकि शुभमन गिल 16 रन के स्कोर पर पवेलियन लौटे। इसके बाद केएल राहुल ने 77 रन की उपयोगी पारी खेलकर टीम को संभाला। हालांकि उन्हें बाद में रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। पडिक्कल और पंत ने इसके बाद पारी को आगे बढ़ाया। दिन का खेल खत्म होने तक दोनों बल्लेबाज क्रीज पर मौजूद थे। पंत के नाबाद 27 रन भले ही बहुत बड़ी पारी नहीं थी, लेकिन उनके एक छक्के ने उन्हें रिकॉर्ड बुक में सबसे आगे पहुंचा दिया।
अब मुकाबले के दूसरे दिन सभी की निगाहें पंत पर रहेंगी। उनके पास शतक पूरा करने के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने का ऐतिहासिक आंकड़ा छूने का मौका है। भारतीय टीम भी अपनी पहली पारी का स्कोर और बड़ा करने की कोशिश करेगी। वहीं श्रीलंका के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को जल्द आउट करके मुकाबले में वापसी करना चाहेंगे।
पंत की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनका आक्रामक अंदाज है। वह परिस्थितियों के अनुसार अपने खेल को बदलने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर जोखिम लेकर तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड तोड़ना इसी शैली का परिणाम है। भारतीय क्रिकेट के नजरिए से भी यह उपलब्धि खास है। पंत ने विदेशी परिस्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके खुद को टेस्ट टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में स्थापित किया है। अब 100 टेस्ट छक्कों का आंकड़ा उनके सामने है। यदि वह अगले दिन दो छक्के और लगा देते हैं, तो उनके करियर में एक और यादगार अध्याय जुड़ जाएगा।