दिल्ली में लंबे समय से चल रहे सीलिंग और ध्वस्तीकरण के मुद्दे को लेकर व्यापारियों के संगठन कैट ने केंद्र सरकार से बड़ा कदम उठाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि मास्टर प्लान 2041 के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके।
कैट ने केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर इस दिशा में जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया है। साथ ही इस पत्र की प्रति दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी भेजी गई है।
संगठन के अनुसार, बीते कई वर्षों से दिल्ली के व्यापारी सीलिंग और तोड़फोड़ की कार्रवाई के डर में काम कर रहे हैं, जिससे उनके कारोबार और रोज़गार पर असर पड़ा है। उनका मानना है कि लगातार की जा रही कार्रवाई से शहरी विकास के लक्ष्यों को भी हासिल नहीं किया जा सका है।
कैट के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि पुराने मास्टर प्लान शहर की बढ़ती आबादी के अनुसार पर्याप्त व्यावसायिक ढांचा तैयार नहीं कर पाए। ऐसे में व्यापारियों ने अपनी जरूरतों के हिसाब से काम किया, जो कई बार नियमों से टकरा गया।
संगठन ने सुझाव दिया है कि “जैसा है, जहां है” के आधार पर एकमुश्त एमनेस्टी स्कीम लागू की जाए, जिससे मौजूदा व्यापारिक प्रतिष्ठानों को राहत मिल सके। इसके अलावा, कई सड़कों को व्यावसायिक उपयोग में शामिल करने और भविष्य के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की भी मांग की गई है।
कैट का कहना है कि व्यापारी किसी विशेष छूट की मांग नहीं कर रहे, बल्कि एक स्पष्ट और न्यायसंगत नीति चाहते हैं, जिससे वे बिना डर के अपना व्यवसाय चला सकें। संगठन ने सरकार से अपील की है कि सभी पक्षों को साथ लेकर इस मुद्दे का व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।