चेन्नई : तमिलनाडु में शराब खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। अब शराब पीने के बाद खाली बोतल इधर-उधर फेंकने के बजाय दुकान पर वापस करने से पैसे मिल सकेंगे। राज्य में अक्टूबर के पहले सप्ताह से शराब की प्रत्येक बोतल पर 10 रुपये अतिरिक्त लेने की प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने की संभावना है। ग्राहक जब खाली बोतल वापस करेंगे, तो उन्हें यह राशि लौटा दी जाएगी। हालांकि, योजना शुरू होने की निश्चित तारीख और रिफंड की विस्तृत प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
शराब खरीदते समय देने होंगे 10 रुपये अतिरिक्त
तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) की प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ग्राहकों को शराब की बोतल पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के अलावा 10 रुपये जमा करने होंगे। यह रकम बोतल की वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ली जाएगी।उदाहरण के लिए, किसी शराब की बोतल की कीमत 200 रुपये है, तो ग्राहक को दुकान पर 210 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं। बोतल खाली होने के बाद उसे निर्धारित संग्रह केंद्र या संबंधित दुकान पर लौटाने पर 10 रुपये वापस मिलेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य शराब की कीमत में स्थायी बढ़ोतरी करना नहीं, बल्कि इस्तेमाल की जा चुकी बोतलों को वापस लेकर उनका सुरक्षित निस्तारण और पुनर्चक्रण सुनिश्चित करना है।
अक्टूबर के पहले सप्ताह से लागू होने की संभावना
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नई व्यवस्था अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह से लागू की जा सकती है। इसके तहत शराब खरीदने वाले ग्राहकों को प्रत्येक बोतल पर अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी।हालांकि, योजना की शुरुआत की अंतिम तारीख और सभी दुकानों पर इसके संचालन संबंधी निर्देश अभी स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए ग्राहकों को आधिकारिक घोषणा और स्थानीय दुकानों पर उपलब्ध निर्देशों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
खाली बोतलों से होने वाले प्रदूषण पर लगेगी रोक
इस पहल के पीछे पर्यावरण संरक्षण एक प्रमुख उद्देश्य है। सार्वजनिक स्थानों, सड़कों के किनारे और पर्यटन स्थलों पर फेंकी गई कांच की बोतलें पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा के लिए समस्या बन सकती हैं। टूटी हुई बोतलों से राहगीरों और जानवरों को चोट लगने का खतरा रहता है। इसके अलावा, बिखरे हुए कांच को एकत्र करना और सुरक्षित तरीके से नष्ट करना भी चुनौतीपूर्ण होता है। प्रस्तावित योजना के जरिए खाली बोतलों को व्यवस्थित तरीके से एकत्र कर पुनर्चक्रण के लिए भेजने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे सार्वजनिक स्थानों पर बोतलें फेंकने की प्रवृत्ति कम होने की उम्मीद है।
मशीन में बोतल डालने पर डिजिटल रिफंड की तैयारी
TASMAC खाली बोतलों की वापसी को आसान बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रहा है। निगम ने रिवर्स वेंडिंग मशीनों की व्यवस्था विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। इन मशीनों के जरिए ग्राहक खाली बोतलें जमा कर सकेंगे और निर्धारित राशि का डिजिटल भुगतान प्राप्त कर सकेंगे। प्रस्तावित व्यवस्था में यूपीआई सहित डिजिटल भुगतान के विकल्प शामिल हैं।अगस्त में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई के चुनिंदा आउटलेट पर मशीनों के परीक्षण के दौरान लगभग 80 प्रतिशत खाली बोतलें वापस मिली थीं। इस अनुभव के आधार पर राज्यभर में व्यवस्था का विस्तार करने की तैयारी की जा रही है।
हाईकोर्ट के सामने भी रखा गया था प्रस्ताव
इस योजना को लेकर जुलाई 2026 में मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष TASMAC ने विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश की थी। उस समय निगम ने प्रति बोतल 10 रुपये की वापसी योग्य जमा राशि को एमआरपी में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था। इसके अतिरिक्त, शराब और बीयर निर्माताओं को खाली बोतलों के संग्रह, परिवहन, पुनर्चक्रण और पर्यावरण के अनुकूल निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपने की योजना भी प्रस्तुत की गई थी। बोतलों की निगरानी के लिए क्यूआर कोड आधारित प्रणाली का प्रस्ताव भी रखा गया था। सितंबर की ताजा रिपोर्टों में 10 रुपये की राशि एमआरपी के अतिरिक्त वसूलने की बात सामने आई है।
दुकानदारों और ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था लागू होने पर शराब की बिक्री के साथ खाली बोतलों की वापसी भी दुकानों के संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाएगी।ग्राहकों को खरीदारी के समय अतिरिक्त जमा राशि का भुगतान करना होगा। बोतल वापस करने पर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रिफंड मिलेगा। दुकानों पर बोतलों के संग्रह, सुरक्षित भंडारण और पुनर्चक्रण के लिए भेजने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। डिजिटल मशीनों का इस्तेमाल बढ़ने से बोतलों की गिनती और रिफंड के रिकॉर्ड रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सभी दुकानों पर मशीनें कब उपलब्ध होंगी और मशीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में रिफंड कैसे दिया जाएगा, यह संबंधित परिचालन निर्देशों से स्पष्ट होगा।
क्या शराब की कीमतों में बढ़ोतरी होगी?
प्रस्तावित व्यवस्था में शराब की मूल एमआरपी बढ़ाने के बजाय प्रति बोतल 10 रुपये की वापसी योग्य राशि लेने की बात सामने आई है। इसका मतलब है कि बोतल वापस करने वाले ग्राहक को जमा की गई राशि मिल जाएगी। वहीं, बोतल वापस नहीं करने पर ग्राहक को यह अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा। नई व्यवस्था का वास्तविक असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि खाली बोतल लौटाने की प्रक्रिया कितनी सुविधाजनक बनाई जाती है।
दूसरे राज्यों के लिए भी बन सकता है उदाहरण
तमिलनाडु में प्रस्तावित बोतल वापसी व्यवस्था का उद्देश्य शराब की खाली बोतलों के संग्रह और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना है। यदि व्यापक स्तर पर इसे सफलतापूर्वक लागू किया जाता है, तो अन्य राज्य भी इस तरह की व्यवस्था का अध्ययन कर सकते हैं। फिलहाल तमिलनाडु के ग्राहकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अक्टूबर में प्रस्तावित योजना शुरू होने के बाद खाली बोतल को कचरे में फेंकने के बजाय निर्धारित संग्रह केंद्र पर वापस करके 10 रुपये प्राप्त किए जा सकेंगे।