गोंडा : उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के उमरीबेगमगंज माझा गांव में सरयू नदी में मगरमच्छ के हमले का शिकार हुए 30 वर्षीय दीपक वर्मा का शव गुरुवार को बरामद कर लिया गया। बुधवार को अंतिम संस्कार के दौरान नदी किनारे हाथ धोते समय मगरमच्छ उन्हें नदी में खींच ले गया था। घटना के बाद से परिजन और प्रशासन लगातार उनकी तलाश में जुटे थे।
गुरुवार सुबह लखनऊ से पहुंची एसडीआरएफ टीम ने सुबह 8 बजे से सरयू नदी में रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर 12:20 बजे घटनास्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर एली माझा गांव के पास हाईटेंशन लाइन टावर के समीप नदी में दीपक का शव उतराता मिला। सूचना मिलते ही उमरी बेगमगंज पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार बताया गया कि दीपक अपनी सास उर्मिला देवी के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। बुधवार को सरयू नदी किनारे अंतिम संस्कार के दौरान खूंटा लगाने के बाद वह हाथ धोने के लिए नदी के पास गए थे। इसी दौरान नदी से निकले मगरमच्छ ने उनके सिर को जबड़े में दबोच लिया और उन्हें पानी में खींच ले गया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी।
मृतक के दादा ससुर बाबूलाल ने बताया कि दीपक गड्ढे की खुदाई कर रहा था,हाथ धोने गया तभी मगरमच्छ उसे पकड़कर नदी में ले गया। परिवार ने किसी तरह अंतिम संस्कार पूरा किया था। 24 घंटे बाद शव मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली, क्योंकि उन्हें शव मिलने की उम्मीद बेहद कम थी।
जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शासन की ओर से मृतक की पत्नी रेखा वर्मा को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और परिस्थितियों से यह स्पष्ट है कि दीपक को मगरमच्छ ने ही नदी में खींचकर ले गया था।
गोंडा के जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि रेस्क्यू अभियान के लिए एसडीआरएफ टीम को लगाया गया था। शव बरामद होने के बाद आवश्यक कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा शासन के नियमानुसार परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
रमेश कुमार शर्मा। गौरवशाली भारत