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मिशन के सच्चे सिपाही बनें, हर गांव तक पहुंचे समृद्धि की रोशनी” : श्री प्रवीणानंद, संयुक्त मिशन निदेशक 

लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के नवचयनित राज्य मिशन प्रबंधकों/मिशन प्रबंधकों के लिए दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ में 7 दिवसीय आवासीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन के निर्देशानुसार संचालित है। संबंधित खबरें ‘ऑपरेशन अपराजेय’ की […]

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  • June 9, 2026 9:27 pm IST, Published 2 hours ago

लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के नवचयनित राज्य मिशन प्रबंधकों/मिशन प्रबंधकों के लिए दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ में 7 दिवसीय आवासीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन के निर्देशानुसार संचालित है।

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राज्य मुख्यालय से पधारे संयुक्त मिशन निदेशक श्री प्रवीणानंद ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा, “आप सभी को इस नई जिम्मेदारी के लिए हृदय से बधाई। कहा कि आप केवल प्रबंधक नहीं हैं; आप ग्रामीण उत्तर प्रदेश की करोड़ों माताओं-बहनों के सपनों के वाहक हैं। मिशन फाइलों का ढेर नहीं है, यहाँ हर आंकड़े के पीछे एक परिवार की भूख, एक बेटी की पढ़ाई और एक माँ का स्वाभिमान जुड़ा है।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए आपसे अपेक्षा है कि क्षेत्र में जाइए, समूह की दीदियों के बीच बैठिए, उनकी समस्या को अपनी समस्या मानिए। योजना बनाते समय ए.सी. कमरे से नहीं, खेत की मेड़ से सोचिए। लक्ष्य स्पष्ट है: 2027 तक हर परिवार को ‘लखपति दीदी’ बनाना है। कोई बहाना नहीं चलेगा। संसाधन कम हैं तो नवाचार कीजिए, रास्ते बंद हैं तो नए रास्ते बनाइए। आपकी कलम से जो लिखेंगे, वही जमीन पर उतरना चाहिए। टीम बनकर चलिए, परिणाम देकर दिखाइए। हमें कागजी प्रगति नहीं, गांव में वास्तविक बदलाव चाहिए। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण क्रांति की मशाल अब आपके हाथ में है!”

श्री प्रवीणानंद ने सभी नवचयनित प्रबंधकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे मिशन के सच्चे सिपाही बनकर कार्य करें। उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह की महिला के जीवन में सकारात्मक बदलाव के रूप में परिलक्षित हो। प्रत्येक प्रबंधक अपने कार्यक्षेत्र को ‘लखपति दीदी अभियान’ का मॉडल बनाने के संकल्प के साथ कार्य करे। “फील्ड ही असली कार्यस्थल है और परिणाम ही असली रिपोर्ट है।

प्रशिक्षण के दौरान मिशन की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों, रणनीतियों, वित्तीय प्रबंधन एवं सामुदायिक संस्थाओं के सशक्तीकरण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर संस्थान के सहायक निदेशक डॉ. सत्येन्द्र गुप्ता, राज्य मुख्यालय से डॉ. नन्दकिशोर साह, राष्ट्रीय संसाधन व्यक्ति डॉ. अनुपम पाण्डेय, प्रशिक्षण संकाय डॉ. विनीता रावत, मिशन प्रबंधक श्री आलोक सिंह तथा श्री अजय कुशवाहा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कुल 32 राज्य स्तरीय मिशन प्रबंधकों ने प्रतिभाग किया।

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