गाजियाबाद: कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़, यातायात दबाव और सुरक्षा व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला प्रशासन ने 4 अगस्त से 12 अगस्त तक जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा और शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। आदेश के अनुसार इस अवधि में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए ऑफलाइन शिक्षण कार्य पूरी तरह बंद रहेगा।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ द्वारा जारी निर्देशों के तहत सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी, सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड सहित सभी मान्यता प्राप्त विद्यालय इस आदेश के दायरे में आएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में शिवभक्तों की आवाजाही होती है, जिससे सामान्य यातायात प्रभावित रहता है। ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
हर वर्ष सावन के दौरान हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों कांवड़िए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर गुजरते हैं। गाजियाबाद भी इस प्रमुख मार्ग का हिस्सा है, जहां कई दिनों तक लगातार कांवड़ियों की आवाजाही बनी रहती है। इसके चलते कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए जाते हैं और सामान्य यातायात प्रभावित होता है।
प्रशासन का कहना है कि स्कूलों के नियमित संचालन से बच्चों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। सुबह और दोपहर के समय स्कूल बसों तथा निजी वाहनों की आवाजाही भी ट्रैफिक दबाव को बढ़ा सकती है। इसी वजह से एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई निजी और पब्लिक स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की तैयारी कर ली है। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को डिजिटल माध्यम से कक्षाओं का समय, लिंक और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई नियमित रूप से जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे शासन के आदेश का पूरी तरह पालन करें और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से बच्चों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में लेकर न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में भी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर स्कूल और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया जा चुका है। इन जिलों में 3 अगस्त से 10 अगस्त तक शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इन क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर लौटते हैं, जिसके कारण यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।
कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन हर वर्ष विशेष इंतजाम करता है। स्कूलों में अस्थायी अवकाश भी इन्हीं व्यवस्थाओं का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें और किसी भी असुविधा से बचने के लिए यात्रा की योजना पहले से बनाएं। उम्मीद है कि इन व्यवस्थाओं से कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न होगी।