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कैंची धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, घंटों लंबा जाम

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में गांधी जयंती के लंबे सप्ताहांत के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने से हालात बेहद व्यस्त हो गए।

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  • October 4, 2026 9:32 am IST, Published 21 minutes ago

नैनीताल/भवाली। उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम में गांधी जयंती के लंबे सप्ताहांत के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने से हालात बेहद व्यस्त हो गए। बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग कैंची धाम पहुंचे। मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आईं, वहीं वाहनों की संख्या बढ़ने से भवाली-कैंची धाम मार्ग समेत आसपास के प्रमुख रास्तों पर यातायात प्रभावित रहा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में भीड़ का व्यापक असर दिखाई दे रहा है।

तीन दिन की छुट्टियों में बढ़ा पहाड़ों की ओर रुझान

2 अक्टूबर को गांधी जयंती के बाद शनिवार और रविवार की छुट्टियां होने के कारण इस बार लोगों को लगातार तीन दिनों का लंबा वीकेंड मिला। इसका सीधा असर उत्तराखंड के लोकप्रिय पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर देखने को मिला। नैनीताल, कैंची धाम, भीमताल, मुक्तेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचे।

रिपोर्टों के मुताबिक, नैनीताल शहर में भी वाहनों का दबाव बढ़ा और कैंची धाम की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात की रफ्तार काफी धीमी रही। कुछ स्थानों पर लोगों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा।

सुबह से ही दर्शन के लिए लगी लंबी कतार

कैंची धाम में शनिवार को सुबह करीब चार बजे से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज होने की खबर सामने आई। दर्शन के लिए लोगों की कतारें बढ़ती चली गईं। मंदिर परिसर के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के कारण सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा। स्थानीय रिपोर्टों में तीन किलोमीटर तक यातायात प्रभावित होने और यात्रियों के करीब दो घंटे तक फंसे रहने का उल्लेख किया गया है।

बाबा नीम करौली महाराज के प्रति देश-विदेश में श्रद्धालुओं की आस्था के कारण कैंची धाम पहले से ही प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। छुट्टियों के दौरान यहां आने वाले लोगों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। इस बार लंबे वीकेंड ने भीड़ को और बढ़ा दिया।

सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार से बढ़ी परेशानी

कैंची धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए केवल मंदिर परिसर में भीड़ ही चुनौती नहीं रही। बड़ी संख्या में निजी वाहन और पर्यटक वाहनों के पहाड़ की ओर बढ़ने से सड़कों पर दबाव बढ़ गया। भवाली से कैंची धाम और आगे गरमपानी-खैरना की ओर जाने वाले मार्गों पर भी यातायात प्रभावित होने की खबरें सामने आईं।

पहाड़ी इलाकों में सड़कें अपेक्षाकृत संकरी होने के कारण वाहनों का दबाव बढ़ते ही यातायात सामान्य करने में अधिक समय लगता है। ऐसे में किसी एक स्थान पर वाहनों की रफ्तार धीमी होने का असर कई किलोमीटर तक दिखाई दे सकता है। कैंची धाम के आसपास भी यही स्थिति देखने को मिली।

प्रशासन ने पहले से बनाया था ट्रैफिक प्लान

भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। कैंची धाम के लिए रूट डायवर्जन और शटल व्यवस्था की योजना बनाई गई थी, जिसे 4 अक्टूबर तक लागू रखने की जानकारी सामने आई थी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों के निजी वाहनों का दबाव कम करना तथा लोगों को व्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंचाना था।

हालांकि, लंबे वीकेंड में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने से व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया। स्थानीय रिपोर्टों में शनिवार को सुबह से रात तक कैंची धाम में बड़ी भीड़ बने रहने की जानकारी दी गई है।

सिर्फ कैंची धाम ही नहीं, पूरे पहाड़ों में बढ़ी भीड़

लंबे वीकेंड का असर केवल नैनीताल या कैंची धाम तक सीमित नहीं रहा। उत्तराखंड के कई पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार और चारधाम मार्गों पर भी यातायात दबाव बढ़ने की खबरें आईं। हिमाचल प्रदेश के मनाली और शिमला जैसे पर्यटन स्थलों पर भी भारी भीड़ देखी गई।

नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। एक रिपोर्ट के अनुसार, लंबे वीकेंड के दौरान करीब 12 हजार पर्यटकों की आवाजाही से नैनीताल और कैंची धाम क्षेत्र की सड़कों पर दबाव बढ़ गया। भवाली से कैंची धाम, गरमपानी और खैरना तक वाहनों की कतारें लगने की जानकारी सामने आई।

आस्था के साथ पर्यटन का भी बढ़ रहा दबाव

कैंची धाम की लोकप्रियता लगातार बढ़ने के साथ यहां धार्मिक पर्यटन का दबाव भी बढ़ रहा है। बाबा नीम करौली महाराज के अनुयायी देश के विभिन्न हिस्सों से यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा नैनीताल आने वाले पर्यटक भी कैंची धाम को अपनी यात्रा का हिस्सा बना रहे हैं।

ऐसे में सामान्य दिनों की तुलना में छुट्टियों, त्योहारों और लंबे वीकेंड पर यहां आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। इसका असर स्थानीय बाजार, होटल, पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी पड़ता है।

श्रद्धालुओं से प्रशासन की व्यवस्था का पालन करने की अपील

ऐसे समय में यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे प्रशासन और पुलिस की ओर से जारी यातायात निर्देशों का पालन करें। निजी वाहन लेकर सीधे मंदिर क्षेत्र तक जाने के बजाय निर्धारित पार्किंग और शटल व्यवस्था का इस्तेमाल करने से यातायात दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

कैंची धाम की ताजा तस्वीरें यह भी दिखाती हैं कि धार्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता के साथ मजबूत पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और भीड़ प्रबंधन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में छुट्टियों के दौरान यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को और व्यवस्थित करना स्थानीय प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी रहेगी।

फिलहाल, गांधी जयंती के लंबे वीकेंड ने कैंची धाम की लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की आस्था की एक बड़ी तस्वीर सामने रख दी है। मंदिर के बाहर लगी लंबी कतारें और सड़कों पर बढ़ता यातायात यह संकेत दे रहा है कि उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन स्थलों पर छुट्टियों के दौरान भीड़ प्रबंधन अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

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