कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 की मौत

45 से अधिक घायल, बारिश से बचने के दौरान मची अफरा-तफरी कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार शाम दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच बड़ा हादसा हो गया। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत होने की खबर है। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे […]

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  • October 18, 2026 5:39 am IST, Published 1 minute ago

45 से अधिक घायल, बारिश से बचने के दौरान मची अफरा-तफरी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार शाम दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच बड़ा हादसा हो गया। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत होने की खबर है। मृतकों में दो बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे में 45 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सूत्रों ने मृतकों की संख्या 20 होने का दावा किया है। मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

बारिश से बचने के लिए पंडाल में घुसी भीड़

जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में दर्शन करने पहुंच रहे थे। महासप्तमी के अवसर पर चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भी भारी भीड़ जुटी थी। इसी दौरान शाम को बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए कई लोग पंडाल के अंदर रुक गए।

बताया जा रहा है कि शाम करीब 7 बजकर 40 मिनट पर बाहर मौजूद लोगों ने भी पंडाल के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। एक ही समय में बड़ी संख्या में लोगों के अंदर जाने की कोशिश से धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। इस दौरान कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ गए।

हादसे के बाद बंद की गईं पंडाल की लाइटें

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों को बाहर निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। सुरक्षा के मद्देनजर पंडाल की लाइटें बंद कर दी गईं और श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई।

घटना के बाद शहर के कई अन्य दुर्गा पूजा पंडालों को भी बंद कराए जाने की खबर है। प्रशासन और पुलिस की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए कदम उठाए गए।

91 साल पुराना है चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल

चोरबागान का दुर्गा पूजा पंडाल कोलकाता के पुराने पूजा आयोजनों में गिना जाता है। इसकी परंपरा करीब 91 साल पुरानी बताई जाती है। हर साल दुर्गा पूजा के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं।

कोलकाता में दुर्गा पूजा बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। त्योहार के दौरान शहर में हजारों पूजा पंडाल सजाए जाते हैं और दूर-दूर से लोग दर्शन करने आते हैं। इसी वजह से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

कोलकाता में करीब 3,500 पूजा पंडाल

दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में लगभग 3,500 पंडाल बनाए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे में त्योहार के दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। भीड़ को नियंत्रित करना, प्रवेश और निकास के रास्ते खुले रखना तथा आपात स्थिति से निपटने की तैयारी करना बेहद जरूरी होता है।

हादसे के बाद श्रद्धालुओं और उनके परिजनों के बीच चिंता का माहौल है। प्रशासन से घटना की विस्तृत जानकारी और मृतकों तथा घायलों की आधिकारिक संख्या सामने आने की प्रतीक्षा है।

सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। प्रभावित परिवारों और घटना से संबंधित जानकारी चाहने वाले लोगों को आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।

इस दुखद घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकासी की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल हादसे से जुड़े सभी तथ्यों और हताहतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।

नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मृतकों और घायलों की संख्या में आधिकारिक पुष्टि के बाद बदलाव संभव है।

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