गोरखपुर: शादी के 2 साल बाद पत्नी पहुंची थाने, पति पर बड़ा आरोप

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वैवाहिक रिश्तों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक 30 वर्षीय महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का दावा है कि शादी के करीब दो […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 14, 2026 10:30 pm IST, Published 1 hour ago

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वैवाहिक रिश्तों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक 30 वर्षीय महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का दावा है कि शादी के करीब दो वर्ष बीत जाने के बावजूद उसके पति ने कभी भी उसके साथ वैवाहिक संबंध स्थापित नहीं किए। इतना ही नहीं, इलाज के नाम पर लगातार टालमटोल की गई और बाद में कथित रूप से लाखों रुपये की मांग भी की गई। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

महिला के अनुसार उसकी शादी वर्ष 2021 में लखनऊ निवासी युवक से पूरे रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई थी। परिवार ने शादी में लाखों रुपये खर्च किए थे और यह उम्मीद की थी कि बेटी का वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। हालांकि महिला का आरोप है कि शादी के पहले दिन से ही उसके साथ सामान्य दांपत्य जीवन जैसा व्यवहार नहीं किया गया। पति हर बार किसी न किसी बहाने से शारीरिक संबंध बनाने से बचता रहा। जब भी महिला ने इस बारे में सवाल किया तो उसे स्वास्थ्य संबंधी समस्या और दवा चलने का हवाला देकर शांत करा दिया जाता था।

पीड़िता का कहना है कि समय बीतने के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। लगातार बहाने सुनने के बाद उसे पति की बातों पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने पति से चिकित्सकीय जांच कराने का आग्रह किया। महिला के मुताबिक वह अपने पति को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने जांच प्रक्रिया के तहत आवश्यक सैंपल देने की सलाह दी। आरोप है कि डॉक्टर की सलाह सुनते ही पति ने जांच कराने से साफ इनकार कर दिया और अस्पताल से लौट आया।

महिला का आरोप है कि जब उसने पति और ससुराल वालों से इलाज कराने की बात दोबारा उठाई तो परिवार के लोगों ने कथित रूप से पांच लाख रुपये की मांग कर दी। उनसे कहा गया कि पहले रुपये लेकर आओ, तभी इलाज कराया जाएगा। महिला का कहना है कि यह मांग पूरी नहीं करने पर उसे घर में रहने तक से मना कर दिया गया। इतना ही नहीं, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और कई बार अपमानजनक व्यवहार भी किया गया।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि शादी के बाद से उसे घर में सम्मान नहीं मिला। दैनिक जरूरतों की वस्तुएं भी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती थीं। परिवार के सदस्यों का व्यवहार उसके प्रति लगातार कठोर बना रहा। महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने अपने अधिकारों की बात की तो उसे चुप रहने की नसीहत दी गई और मायके से पैसे लाने का दबाव बनाया गया।

लगातार मानसिक तनाव और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर महिला आखिरकार गोरखपुर के गोरखनाथ थाने पहुंची। उसने पुलिस को पूरी घटना विस्तार से बताते हुए पति, सास-ससुर और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और अन्य गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि जांच में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल जांच जारी है और सभी तथ्यों को सामने आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि विवाह के बाद पति-पत्नी दोनों के अधिकार और जिम्मेदारियां कानून द्वारा निर्धारित हैं। यदि किसी पक्ष के साथ धोखा, मानसिक उत्पीड़न, दहेज की मांग या अन्य प्रकार का उत्पीड़न होता है तो पीड़ित व्यक्ति पुलिस और न्यायालय की शरण ले सकता है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय जांच, दस्तावेजी साक्ष्य और दोनों पक्षों के बयान जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसे छिपाने के बजाय समय रहते बातचीत और चिकित्सकीय सलाह के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए। यदि किसी पक्ष के साथ अन्याय या उत्पीड़न हो रहा हो तो कानूनी सहायता लेना भी आवश्यक है। इससे न केवल पीड़ित को न्याय मिलने की संभावना बढ़ती है, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर भी रोक लगाने में मदद मिलती है।

फिलहाल यह मामला गोरखपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप किस हद तक सही हैं और मामले में किसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

Advertisement