पुंछ, 24 अप्रैल। ‘ऑपरेशन सर्प विनाश’ से जुड़े बहादुर ताहिर फजल को भारतीय सेना ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। सेना ने उन्हें एक साहसी और समर्पित नागरिक बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि ताहिर फजल ने 2003 में चलाए गए ‘ऑपरेशन सर्प विनाश’ के दौरान सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया था। उन्होंने पुंछ जिले के हिल काका और सुरनकोट क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाई थी।
सेना के अनुसार, ताहिर फजल ने इलाके में पहली ग्राम रक्षा समिति (VDC) की स्थापना में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी बहादुरी, साहस और देशभक्ति को हमेशा याद रखा जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, ताहिर फजल का 22 अप्रैल को उत्तराखंड में 62 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव मुर्राह (सुरनकोट, पुंछ) लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
भारतीय सेना के जवानों ने पूरे सम्मान और गरिमा के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया। सैनिकों ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया, जो राष्ट्र के लिए योगदान देने वालों के प्रति सम्मान और एकजुटता का प्रतीक है।
सेना ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ताहिर फजल की वीरता और समर्पण हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।