मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य और बेहतर पोषण को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सभी स्कूलों के भीतर और स्कूल परिसर से 50 मीटर के दायरे में वड़ा पाव, समोसा, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स सहित उच्च वसा, नमक और चीनी (HFSS) वाले जंक फूड की बिक्री, विज्ञापन और मुफ्त वितरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बुधवार को बताया कि इस आदेश का पूरे राज्य में सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों में स्वस्थ खान-पान की आदतें विकसित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
एफडीए के अनुसार, प्रत्येक स्कूल की रसोई संचालित करने वाले और भोजन आपूर्ति करने वाले सभी विक्रेताओं के पास खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत वैध लाइसेंस होना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री की आपूर्ति या बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने बताया कि राज्य सरकार ने 27 जुलाई को शैक्षणिक संस्थानों में खाद्य सुरक्षा और पोषण मानकों को लागू करने के लिए अनुपालन आदेश जारी किया था। इस फैसले से महाराष्ट्र के लगभग 1.08 लाख स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 2 करोड़ छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि स्कूलों के आसपास जंक फूड की उपलब्धता कम होने से बच्चों में संतुलित और पौष्टिक भोजन की आदत को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।