• होम
  • देश
  • राष्ट्रपति मुर्मु ने जमीनी नवाचारों को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया

राष्ट्रपति मुर्मु ने जमीनी नवाचारों को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया

नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के जमीनी स्तर के नवाचारकर्ताओं से मुलाकात कर उनके नवाचारों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत के पास अपनी विविधता, प्रतिभा और नवाचार की संस्कृति के बल पर जमीनी स्तर के नवाचार में […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • July 31, 2026 5:31 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) के जमीनी स्तर के नवाचारकर्ताओं से मुलाकात कर उनके नवाचारों की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत के पास अपनी विविधता, प्रतिभा और नवाचार की संस्कृति के बल पर जमीनी स्तर के नवाचार में दुनिया का अग्रणी देश बनने की क्षमता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय समस्याओं के समाधान स्थानीय अनुभवों और वैज्ञानिक सोच से ही सबसे प्रभावी तरीके से निकाले जा सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के दौरान नवाचारकर्ताओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने प्रतिभागियों से बातचीत करते हुए उनके अनुभव सुने और यह जाना कि किस प्रकार सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने समाज की समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास किया है।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जमीनी स्तर के नवाचार केवल तकनीकी उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि वे समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने और उनका व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने का माध्यम हैं। इनमें स्थानीय अनुभव, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी का समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि देशभर के नवाचारकर्ता ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं, जिनका प्रभाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर पर भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

प्रदर्शनी में कई ऐसे नवाचार प्रस्तुत किए गए, जो अपशिष्ट पदार्थों के पुनः उपयोग, ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, महिलाओं और दिव्यांगजनों की सुविधा, कृषि सुधार तथा पारंपरिक कला संरक्षण जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे प्रयास यह साबित करते हैं कि नवाचार केवल बड़ी प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों और छोटे शहरों से भी परिवर्तनकारी विचार सामने आ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव केवल अच्छे विचारों से नहीं आता। इसके लिए ऐसे वातावरण की आवश्यकता होती है, जहां प्रतिभाओं को सही दिशा, तकनीकी सहायता, संसाधन और अवसर मिल सकें। इस संदर्भ में उन्होंने अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर्स की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ये केंद्र नवाचारकर्ताओं को अपने विचारों को व्यवहारिक उत्पाद और टिकाऊ उद्यम में बदलने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक समस्याओं का समाधान खोजने की सोच विकसित करे। उन्होंने कहा कि सरकार, शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और समाज यदि मिलकर नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देंगे तो इसका लाभ देश के हर वर्ग तक पहुंचेगा।

उन्होंने उन नवाचारकर्ताओं की विशेष प्रशंसा की जिन्होंने सीमित संसाधनों, आर्थिक कठिनाइयों और लगातार आने वाली चुनौतियों के बावजूद अपने प्रयास जारी रखे। राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी प्रतिबद्धता और धैर्य ही किसी भी नवाचार को सफल बनाते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अपने नवाचारों में लगातार सुधार करें, अनुसंधान संस्थानों, उद्योग जगत और अन्य नवाचारकर्ताओं के साथ सहयोग बढ़ाएं तथा अपने समाधानों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करें।

जमीनी स्तर के नवाचार भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्थानीय समस्याओं के स्थानीय समाधान न केवल कम लागत वाले होते हैं, बल्कि वे अधिक प्रभावी और टिकाऊ भी साबित होते हैं।  राष्ट्रपति का यह संदेश स्पष्ट करता है कि भविष्य का भारत केवल आधुनिक तकनीकों से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की रचनात्मक सोच, नवाचार और सामाजिक भागीदारी से भी आगे बढ़ेगा। यदि जमीनी स्तर पर विकसित हो रहे नवाचारों को उचित सहयोग और मंच मिलता रहा, तो भारत वैश्विक नवाचार मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान बना सकता है।

 

 

Advertisement