नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर कई राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को युवाओं और जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों और पुराने फैसलों को लेकर सवाल उठाए।
जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और राजनीतिक बयानबाजी पर टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कठोर भाषा का इस्तेमाल करते हैं और कई मुद्दों पर विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देने के बजाय राजनीतिक संदेशों पर अधिक जोर देते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश कई ऐसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री से जवाब की उम्मीद कर रहा है, जिनका सीधा संबंध आम लोगों और युवाओं से है। उन्होंने विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार, आर्थिक फैसलों और कुछ विवादित मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।
खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है।
वह अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए वे न केवल अपनी सार्वजनिक सभाओं में, बल्कि संसद के भीतर भी बार-बार झूठ…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) August 1, 2026
जयराम रमेश ने अपने बयान में परीक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रभावित करने वाले मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और जिन छात्रों को परेशानी हुई है, उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए। कांग्रेस लगातार युवाओं, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाती रही है।
इसके अलावा कांग्रेस नेता ने आर्थिक फैसलों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नोटबंदी जैसे पुराने फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे निर्णयों के प्रभाव को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। कांग्रेस लंबे समय से नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करती रही है, जबकि बीजेपी इसे भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ उठाया गया कदम बताती रही है।
जयराम रमेश ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया और प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता कई मामलों में सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा रखती है। कांग्रेस के इस हमले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी की ओर से विपक्ष के ऐसे आरोपों पर पहले भी जवाब दिया जाता रहा है कि कांग्रेस बिना तथ्यों के राजनीतिक बयानबाजी करती है।
दरअसल, सोशल मीडिया के दौर में नेताओं के वीडियो संदेश और पोस्ट राजनीतिक संवाद का अहम माध्यम बन चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी समय-समय पर सोशल मीडिया के जरिए जनता तक अपनी बात पहुंचाते हैं। वहीं विपक्षी दल इन संदेशों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं।
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष की जिम्मेदारी है और जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही जरूरी है। वहीं बीजेपी का तर्क रहा है कि केंद्र सरकार ने विकास, कल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्रीय हित से जुड़े फैसलों पर लगातार काम किया है।
फिलहाल प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस के आरोपों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का केंद्र बन गया है।