• होम
  • Breaking News Ticker
  • राघव चड्ढा समेत कई सांसदों का इस्तीफा, बीजेपी में विलय का दावा

राघव चड्ढा समेत कई सांसदों का इस्तीफा, बीजेपी में विलय का दावा

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ पार्टी छोड़ने की बात कही, बल्कि यह भी दावा किया कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में […]

Advertisement
raghaw-chadha
Gauravshali Bharat News
  • April 24, 2026 4:02 pm IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ पार्टी छोड़ने की बात कही, बल्कि यह भी दावा किया कि वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो रहे हैं। इस घटनाक्रम ने देश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है, खासकर पंजाब और दिल्ली की राजनीति पर इसके दूरगामी असर पड़ सकते हैं।

राघव चड्ढा ने अपने बयान में कहा कि जिस आम आदमी पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने कहा कि वे अब इस पार्टी के साथ नहीं रह सकते और इससे दूरी बना रहे हैं। चड्ढा का यह बयान पार्टी के अंदरूनी हालात पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

वहीं संदीप पाठक ने भी भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा समय आएगा। उन्होंने बताया कि वे एक किसान परिवार से आते हैं और देश सेवा के उद्देश्य से राजनीति में आए थे। उन्होंने आम आदमी पार्टी को इसी सोच के साथ जॉइन किया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें यह कठोर फैसला लेने पर मजबूर कर दिया।

सूत्रों के मुताबिक, इन नेताओं का दावा है कि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों का एक बड़ा वर्ग उनके साथ है और कुल मिलाकर करीब 8 सांसद उनके साथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका होगा, खासकर ऐसे समय में जब पंजाब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे नेताओं का पार्टी छोड़ना सिर्फ संगठनात्मक नुकसान नहीं, बल्कि पार्टी की छवि और नेतृत्व पर भी असर डाल सकता है। दोनों ही नेता पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाते रहे हैं और पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल थे।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सबकी नजरें आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया और आगामी रणनीति पर टिकी हैं। साथ ही यह भी देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस घटनाक्रम को किस तरह से अपने पक्ष में भुनाती है और आने वाले चुनावों में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

Advertisement