नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ सहित 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति और भूस्खलन की आशंका के चलते प्रशासन सतर्क है।
रविवार को बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 10 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।
लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के आसपास कई संवेदनशील क्षेत्रों को डेंजर जोन घोषित किया गया है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों से अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
राजस्थान में भारी बारिश के बाद अजमेर, जोधपुर, बाड़मेर और ब्यावर सहित कई शहरों की सड़कों पर पानी भर गया। कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ, जबकि निचले क्षेत्रों में लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यदि लगभग 20 से 30 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में एक घंटे या उससे कम समय में 100 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश हो जाए, तो उसे बादल फटना (Cloudburst) कहा जाता है।
यह घटना मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों में होती है, जहां नमी से भरी हवाएं पहाड़ों से टकराकर एक स्थान पर रुक जाती हैं। जब वातावरण में अत्यधिक नमी जमा हो जाती है, तो वह अचानक बेहद तेज बारिश के रूप में बरसती है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
मौसम विभाग ने प्रभावित राज्यों के लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। आने वाले 24 घंटे कई राज्यों के लिए संवेदनशील माने जा रहे हैं।