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दिल्ली की कृषि मंडियों का होगा आधुनिक कायाकल्प: रेखा गुप्ता

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी की कृषि मंडियों के पुनर्विकास और विभिन्न मंडियों में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में गाजीपुर, नरेला, आईएफसी गाजीपुर आदि से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया तथा मंडियों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने […]

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  • August 3, 2026 8:38 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी की कृषि मंडियों के पुनर्विकास और विभिन्न मंडियों में चल रही और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में गाजीपुर, नरेला, आईएफसी गाजीपुर आदि से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया तथा मंडियों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी ली गई।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की कृषि मंडियां किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए इन मंडियों को समय की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त, सुव्यवस्थित और बेहतर आधारभूत ढांचे वाली मंडियां न केवल व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाएंगी, बल्कि पूरी कृषि विपणन व्यवस्था को भी अधिक सक्षम बनाएंगी। सरकार सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर रही है, ताकि विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप आगे बढ़ सकें।

बैठक में गाजीपुर में लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित किए जा रहे आधुनिक पोल्ट्री मार्केट की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की कुल लागत 193,29,32,827 रुपये है। परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2019 को शुरू हुआ था और इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में लगभग 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस आधुनिक पोल्ट्री मार्केट में 100 थोक व्यापारियों की दुकानें और 120 प्रोसेसिंग यूनिट्स विकसित की जा रही हैं

गाजीपुर फल, सब्जी और फूल मंडी में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मंडी में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए 200 मीटर लंबी बाईपास ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है। इस कार्य की स्वीकृत लागत 17 लाख रुपये है। इसके अलावा मंडी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से आवारा पशुओं को हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में नरेला अनाज मंडी में व्यापारियों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दो अतिरिक्त स्टील शेड विकसित करने के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11 करोड़ रुपये है और इसके जुलाई 2027 तक पूरा होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री ने आईएफसी (इंटीग्रेटेड फ्रेट कॉम्प्लेक्स) गाजीपुर में प्रस्तावित आधुनिक फूल मंडी परियोजना की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2001 में 10 एकड़ भूमि डीडीए से अधिग्रहित कर आईएफसी गाजीपुर परिसर में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक फूल मंडी विकसित करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का प्रयास है कि राजधानी की कृषि मंडियों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास निरंतर आगे बढ़े और सभी परियोजनाओं को योजनानुसार गति मिले। मंडियों का व्यवस्थित विकास किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं सभी के हित में है और सरकार इस दिशा में निरंतर काम कर रही है।

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