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भाजपा संग तालमेल के बीच राजस्थान निकाय चुनाव में उतरेगी RPI

जयपुर: राजस्थान में प्रस्तावित निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। इसी बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए […]

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  • August 3, 2026 6:35 pm IST, Published 3 minutes ago

जयपुर: राजस्थान में प्रस्तावित निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। इसी बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि उनकी पार्टी पहली बार राजस्थान के निकाय चुनाव में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां संगठन मजबूत होगा, वहां आरपीआई अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि कई स्थानों पर भारतीय जनता पार्टी के साथ समन्वय बनाकर चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी।

जयपुर दौरे पर पहुंचे रामदास अठावले ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राजस्थान में होने वाले निकाय चुनाव पार्टी के संगठन विस्तार का महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जा चुका है और शेष जिलों में भी जल्द कार्यकारिणियों का गठन पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना था कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत करना भी है।

अठावले ने कहा कि आरपीआई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी पार्टी है और भाजपा के साथ उसके संबंध मजबूत हैं। ऐसे में निकाय चुनाव में भी दोनों दलों के बीच समन्वय बनाए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व के साथ बातचीत कर यह तय किया जाएगा कि किन निकायों में भाजपा उम्मीदवारों का समर्थन किया जाएगा और किन स्थानों पर आरपीआई अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम करती है। अनुसूचित जाति, वंचित वर्ग, पिछड़े समाज और युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उनका मानना है कि स्थानीय निकाय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं और इन संस्थाओं में मजबूत भागीदारी से पार्टी का जनाधार भी बढ़ेगा।

जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे अठावले ने संगठन विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि 35 जिलों में पार्टी की कार्यकारिणी का गठन हो चुका है और जल्द ही पूरे प्रदेश में संगठनात्मक संरचना पूरी कर ली जाएगी। उनका विश्वास है कि संगठन मजबूत होने के साथ पार्टी स्थानीय चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। राष्ट्रीय राजनीति पर भी अठावले ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार विकास के एजेंडे पर काम कर रही है और भविष्य में भी गठबंधन मजबूत रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आगामी समय में भी देश की जनता एनडीए पर भरोसा जताएगी।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने हाल के छात्र आंदोलनों और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई गलती सामने आती है तो जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

राजस्थान में इस महीने सभी 309 निकायों के चुनाव होने की संभावना है। ऐसे में आरपीआई की चुनावी एंट्री राजनीतिक समीकरणों को नया आयाम दे सकती है। हालांकि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और भाजपा के साथ उसका तालमेल किस रूप में होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल अठावले के इस ऐलान ने प्रदेश की स्थानीय राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है।

 

 

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