नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए-2026) लोकसभा में पेश किया जा सकता है। यह विधेयक विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों में संशोधन से संबंधित है। इसी बीच विपक्ष नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहा है।
एफसीआरए कानून यह तय करता है कि भारत में कौन-कौन से गैर-सरकारी संगठन, ट्रस्ट, धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं विदेश से आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकती हैं तथा उस धन का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य विदेशी धन के दुरुपयोग को रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा व सार्वजनिक हित की रक्षा करना है।
20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहा है। नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और अन्य मामलों को लेकर दोनों सदनों में कई बार हंगामा हुआ, जिसके चलते लोकसभा का प्रश्नकाल भी प्रभावित रहा।
अब तक हंगामे के बीच लोकसभा से पांच विधेयक पारित किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह अपने आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के करीब 45 नए और पहली बार निर्वाचित लोकसभा सांसदों से नाश्ते पर मुलाकात करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में हाल ही में तृणमूल कांग्रेस, एनसीपीआई और उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) गुट सहित अन्य दलों से एनडीए में शामिल हुए सांसद भी भाग ले सकते हैं। बैठक के दौरान संसदीय कार्यप्रणाली, संगठनात्मक समन्वय और आगामी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।