हाईवे पर कांवड़ियों के साथ हुआ ऐसा हादसा, पांच की मौत

मेरठ/बागपत। सावन की कांवड़ यात्रा के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दर्दनाक सड़क हादसों की खबर सामने आई है। दिल्ली-दून हाईवे से अलग बागपत और बिजनौर में अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में पांच कांवड़ियों की जान चली गई, जबकि करीब 15 कांवड़िए घायल बताए जा रहे हैं। हादसों के बाद कांवड़ मार्ग पर अफरा-तफरी […]

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  • August 9, 2026 7:08 pm IST, Published 1 hour ago

मेरठ/बागपत। सावन की कांवड़ यात्रा के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश से दर्दनाक सड़क हादसों की खबर सामने आई है। दिल्ली-दून हाईवे से अलग बागपत और बिजनौर में अलग-अलग स्थानों पर हुए हादसों में पांच कांवड़ियों की जान चली गई, जबकि करीब 15 कांवड़िए घायल बताए जा रहे हैं। हादसों के बाद कांवड़ मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया है।

इन हादसों ने कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार और अन्य धार्मिक स्थलों से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में कांवड़ मार्गों पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।

अलग-अलग हादसों में पांच कांवड़ियों की गई जान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली-दून हाईवे से अलग बागपत और बिजनौर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर कांवड़ियों के साथ सड़क हादसे हुए। इन दुर्घटनाओं में कुल पांच कांवड़ियों की मौत होने की बात सामने आई है। वहीं करीब 15 कांवड़िए घायल हो गए। हादसों की सूचना मिलते ही संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस मौके पर पहुंची।

घायलों को तत्काल एंबुलेंस और अन्य वाहनों की सहायता से अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल कांवड़ियों के उपचार को प्राथमिकता दी गई। मृतकों के शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस दुर्घटनाओं से जुड़े वाहनों और उनके चालकों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

बागपत में बाइक सवार कांवड़िए को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर

बागपत क्षेत्र में हुए एक दर्दनाक हादसे में हरियाणा के फरीदाबाद निवासी 21 वर्षीय साहिल की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, साहिल बाइक से यात्रा कर रहा था। वलीपुर गांव के पास शिवा ढाबे के सामने शुक्रवार देर रात एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी गंभीर थी कि साहिल बुरी तरह घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों और पुलिस की मदद से उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उसे दौराला सीएचसी ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

युवक की मौत की खबर मिलने के बाद उसके परिवार में मातम पसर गया। पुलिस ने मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध जानकारी की मदद से उसके चचेरे भाई संदीप से संपर्क किया। इसके बाद परिजनों को हादसे की जानकारी दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

हादसे के बाद अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस अब उस अज्ञात वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है, जिसकी टक्कर से साहिल की मौत हुई। इसके लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मार्ग से गुजरने वाले वाहनों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय वाहन किस दिशा से आ रहा था और टक्कर के बाद चालक किस तरफ भागा। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।

घायलों को अस्पतालों में कराया गया भर्ती

अन्य हादसों में घायल हुए कांवड़ियों को दौराला सीएचसी समेत आसपास के निजी अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए रेफर किए जाने की जानकारी है। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की रही।

कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर पहले से ही पुलिस, यातायात पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों की तैनाती रहती है। इसके बावजूद तेज रफ्तार, रात के समय कम दृश्यता और वाहनों की अधिक आवाजाही जैसे कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकते हैं।

कांवड़ यात्रा के बीच हादसों ने बढ़ाई चिंता

सावन में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों के लिए कई मार्गों पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू की जाती है। अनेक स्थानों पर भारी वाहनों के आवागमन में भी बदलाव किया जाता है।

इसके बावजूद मुख्य मार्गों के साथ संपर्क मार्गों और हाईवे पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। विशेष रूप से बाइक से कांवड़ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेलमेट, नियंत्रित गति और पर्याप्त दूरी बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। वाहन चालकों के लिए भी कांवड़ मार्गों के आसपास गति नियंत्रित रखना जरूरी है।

रात के समय अतिरिक्त सावधानी की जरूरत

कांवड़ यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु दिन के साथ रात में भी सफर करते हैं। रात में कम रोशनी और थकान दुर्घटना का जोखिम बढ़ा सकती है। सड़क किनारे पैदल चल रहे श्रद्धालुओं और दोपहिया वाहनों को दूर से स्पष्ट रूप से देख पाना वाहन चालकों के लिए चुनौती हो सकता है।

ऐसे में प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट और यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है। बाइक सवारों को हेलमेट पहनने, ओवरस्पीडिंग से बचने और थकान होने पर वाहन न चलाने की सलाह दी जाती है। वहीं अन्य वाहन चालकों को कांवड़ियों की मौजूदगी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

परिवारों में पसरा मातम, जांच में जुटी पुलिस

अलग-अलग दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत से उनके परिवारों में मातम का माहौल है। खुशी और आस्था के साथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के परिजनों के लिए हादसों की खबर बड़ा सदमा बनकर आई। पुलिस की ओर से मृतकों की पहचान और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया की गई।

पुलिस संबंधित हादसों के कारणों की जांच कर रही है। खास तौर पर अज्ञात वाहनों से जुड़े मामलों में वाहनों और चालकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद दुर्घटनाओं की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।

कांवड़ यात्रा के दौरान सामने आए इन हादसों ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि आस्था के इस बड़े आयोजन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी है। प्रशासनिक व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की व्यक्तिगत सतर्कता भी सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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