KGMU में तकनीकी खामी से मचा हड़कंप, मरीजों को हुई भारी परेशानी

लखनऊः किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सोमवार सुबह अचानक सर्वर ठप होने से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण OPD रजिस्ट्रेशन, जांच से जुड़ी प्रक्रियाओं और अन्य डिजिटल सेवाओं पर असर पड़ा। सुबह से ही मरीजों की भीड़ अस्पताल पहुंचने लगी थी, […]

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  • August 10, 2026 4:39 pm IST, Published 2 hours ago

लखनऊः किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सोमवार सुबह अचानक सर्वर ठप होने से मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल की ऑनलाइन व्यवस्था प्रभावित होने के कारण OPD रजिस्ट्रेशन, जांच से जुड़ी प्रक्रियाओं और अन्य डिजिटल सेवाओं पर असर पड़ा। सुबह से ही मरीजों की भीड़ अस्पताल पहुंचने लगी थी, लेकिन तकनीकी समस्या के चलते पंजीकरण और संबंधित प्रक्रियाओं में देरी होने लगी।
सर्वर में आई खराबी का सबसे ज्यादा असर न्यू OPD और ओल्ड OPD ब्लॉक में दिखाई दिया। यहां पर्चा बनवाने और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचे मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देखते ही देखते दोनों OPD ब्लॉक में मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। कई मरीज अपने परिजनों के साथ व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार करते नजर आए।

KGMU में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल की OPD में रोजाना करीब आठ हजार मरीजों के आने का अनुमान है। ऐसे में सर्वर जैसी तकनीकी व्यवस्था में अचानक आई रुकावट का असर सीधे मरीजों की संख्या और अस्पताल की कार्यप्रणाली पर पड़ा।

सर्वर ठप होने के कारण ऑनलाइन पर्चा बनाने और मरीजों का पंजीकरण करने की प्रक्रिया बाधित हुई। इसके अलावा OPD से जुड़ी कुछ अन्य डिजिटल सेवाएं भी प्रभावित रहीं। अचानक आई समस्या के चलते अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। मरीजों को यह समझने में भी परेशानी हुई कि प्रक्रिया दोबारा कब शुरू होगी।

हालांकि, मरीजों को ज्यादा देर तक परेशान न होना पड़े, इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की। ऑनलाइन सिस्टम के बजाय ऑफलाइन पर्चे बनाए जाने लगे। इस व्यवस्था के बाद धीरे-धीरे मरीजों को राहत मिलने लगी और पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

अस्पताल पहुंचने वाले कई मरीजों के लिए तकनीकी समस्या के कारण इंतजार करना खासा मुश्किल रहा। दूर-दराज के इलाकों से इलाज के लिए आए मरीजों को अतिरिक्त समय अस्पताल में बिताना पड़ा। वहीं, बुजुर्ग मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों को भी कतार में इंतजार करना पड़ा।

अस्पताल की डिजिटल व्यवस्था आज मरीजों के पंजीकरण से लेकर जांच और उपचार की विभिन्न प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में सर्वर के अचानक बंद होने से थोड़े समय के लिए ही सही, लेकिन बड़ी संख्या में मरीजों पर इसका असर पड़ता है। ऑफलाइन व्यवस्था शुरू किए जाने से स्थिति को संभालने की कोशिश की गई।

फिलहाल मरीजों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए काम जारी रखा गया। सर्वर में आई तकनीकी समस्या को दूर करने के प्रयास किए गए, ताकि अस्पताल की नियमित डिजिटल सेवाएं जल्द सामान्य हो सकें। इस घटना ने बड़े अस्पतालों में तकनीकी प्रणालियों के साथ-साथ प्रभावी बैकअप व्यवस्था की जरूरत को भी सामने ला दिया है।

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