नई दिल्ली। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मध्य प्रदेश में मानसून के इस सीजन के सबसे मजबूत सिस्टम के सक्रिय होने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। राजधानी भोपाल सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल है, जहां 1,000 से अधिक घरों के आसपास करीब 5 फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई है।
मध्य प्रदेश में लगातार तेज बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। कई इलाकों में जलभराव से सड़कें प्रभावित हुईं और रास्ते बंद करने पड़े। भोपाल में भारी बारिश के चलते रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश का असर मैदानी क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। गंगा और यमुना समेत 10 नदियां उफान पर हैं। फर्रुखाबाद और बिजनौर के कुछ इलाकों में गंगा का पानी हाईवे के ऊपर बहने की जानकारी है।
राज्य में करीब 40 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। फर्रुखाबाद में कटाव के कारण 25 मकान गंगा नदी में समा चुके हैं, जिससे प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
राजस्थान में भी भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 6 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 17 जिलों में यलो अलर्ट लागू है।
पिछले 24 घंटे में हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिलों में कई स्थानों पर 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ गया है।
हाड़ौती क्षेत्र के दो प्रमुख बांधों कालीसिंध और छापी के गेट खोलने पड़े हैं। इसके बाद निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियों में जुटा हुआ है।