नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के समाप्त होने में अब केवल तीन दिन बाकी हैं, लेकिन सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा को लेकर गतिरोध बना हुआ है। सोमवार को सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में बयान देने और चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
सरकार ने विपक्ष से चर्चा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि आरोप लगाने के बाद चर्चा से पीछे हटना उचित नहीं है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्ष की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखीं।
सरकार की ओर से कहा गया कि गृह मंत्री सदन में चर्चा के दौरान जवाब देना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से चर्चा में शामिल होने की अपील की।
रिजिजू ने कहा कि आरोप लगाकर चर्चा से भागना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग चर्चा से बचने के लिए बहाने बनाते हैं, वे कायर होते हैं।
इधर, राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष की मांगों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा से पीछे नहीं हट रहा, बल्कि कुछ मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जवाब चाहता है।
राहुल गांधी के मुताबिक विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें हैं—
राहुल गांधी ने इस दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज का मुद्दा भी उठाया।
संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सदन की कार्यवाही बाधित करने और चर्चा से बचने के आरोप लगा रहे हैं।
अब सत्र के केवल तीन दिन बचे हैं। ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा को लेकर सहमति बनती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।