• होम
  • देश
  • स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी खतरे की आशंका

स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी खतरे की आशंका

सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट; छोटे शहरों पर भी नजर नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले देश में संभावित आतंकी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत विरोधी तत्व 15 अगस्त के आसपास किसी वारदात को अंजाम देने […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 12, 2026 7:47 am IST, Published 2 hours ago

सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट; छोटे शहरों पर भी नजर

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले देश में संभावित आतंकी गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत विरोधी तत्व 15 अगस्त के आसपास किसी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। इनपुट के बाद देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

खुफिया सूचनाओं के मुताबिक, संभावित खतरा केवल सीमावर्ती क्षेत्रों या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। टियर-2 शहरों और अपेक्षाकृत कम सुरक्षा वाले इलाकों को भी निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है। सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है।

दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के साथ दूसरे इलाकों पर भी नजर

एक खुफिया अधिकारी के अनुसार, आईएसआई को लगता है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा हिस्सा 15 अगस्त की तैयारियों और कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा। ऐसे में आतंकवादी संगठन इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

इनपुट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी गतिविधियां बढ़ाने की आशंका है। सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती क्षेत्रों के अलावा संवेदनशील शहरों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर भी नजर रख रही हैं।

बांग्लादेश सीमा से घुसपैठ की भी आशंका

खुफिया एजेंसियों को यह भी आशंका है कि भारत विरोधी तत्व बांग्लादेश सीमा के जरिए घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं। इसके अलावा छोटे और मध्यम आकार के शहरों में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर कड़ियों का फायदा उठाने की कोशिश की जा सकती है।

अधिकारियों के मुताबिक, बड़े महानगरों में सुरक्षा का स्तर अधिक होने के कारण आतंकवादी ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दे सकते हैं जहां सुरक्षा व्यवस्था तुलनात्मक रूप से कम मजबूत हो।

पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति का भी हवाला

खुफिया अधिकारियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर और बलूचिस्तान में जारी अस्थिरता का भी उल्लेख किया है। उनका मानना है कि पाकिस्तान पर आंतरिक दबाव के बीच भारत में किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर ध्यान भटकाने की कोशिश की जा सकती है।

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों को लेकर सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठा रही हैं। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर महत्वपूर्ण स्थानों, सीमावर्ती क्षेत्रों, परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा एवं निगरानी बढ़ाई जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी भी अलर्ट या अफवाह को साझा करने से बचें।

Advertisement