पश्चिम बंगाल SIR: 34 लाख वोटर अपीलें लंबित

सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता; 25 अगस्त तक मांगा डेटा नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर करीब 34 लाख अपीलें ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चिंता जताते हुए ट्रिब्यूनल को मामलों के […]

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  • August 12, 2026 8:05 am IST, Published 2 hours ago

सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता; 25 अगस्त तक मांगा डेटा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ दायर करीब 34 लाख अपीलें ट्रिब्यूनल में लंबित हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को चिंता जताते हुए ट्रिब्यूनल को मामलों के निपटारे की प्रक्रिया तेज करने को कहा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि प्रक्रिया इतनी धीमी नहीं होनी चाहिए कि अपीलों के निपटारे का इंतजार करते-करते अगला विधानसभा चुनाव ही आ जाए। पीठ में जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं।

34 लाख मामलों के लंबित होने पर कोर्ट की चिंता

सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ये ट्रिब्यूनल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित किए गए हैं। काफी समय बीत जाने के बावजूद बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं, इसलिए इनके कामकाज की समीक्षा जरूरी है।

कोर्ट ने कहा कि लंबित मामलों और अब तक निपटाए गए मामलों के आंकड़ों से यह पता लगाया जा सकता है कि ट्रिब्यूनल किस गति से काम कर रहे हैं और कहां सुधार की जरूरत है।

25 अगस्त तक आंकड़े देने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को 25 अगस्त तक ट्रिब्यूनल में लंबित मामलों और अब तक निपटाए गए मामलों से संबंधित आंकड़े पेश करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस बागची ने कहा कि आंकड़े सामने आने के बाद मामलों के निपटारे की गति बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और आईटी सहायता उपलब्ध कराने पर विचार किया जा सकता है।

समयसीमा तय करने से कोर्ट का इनकार

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन अपीलों के निपटारे के लिए कोई सख्त समयसीमा तय करने से इनकार कर दिया। कोर्ट का जोर फिलहाल प्रक्रिया को तेज करने और लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट करने पर है।

कल्याणकारी योजनाओं का मुद्दा अलग

सुनवाई के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के कारण संबंधित लोगों के कल्याणकारी योजनाओं से वंचित होने का मुद्दा भी सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को अलग बताते हुए इसे कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष उठाने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब 25 अगस्त को पेश किए जाने वाले आंकड़ों पर नजर रहेगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि SIR से जुड़ी अपीलों में कितने मामलों का निपटारा हुआ है और कितने मामले अभी भी लंबित हैं।

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