नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए भीषण कार बम धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ताजा रिपोर्ट में बड़ा दावा सामने आया है। UNSC की 38वीं एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले के पीछे अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़ा नेटवर्क था। रिपोर्ट में AQIS की क्षेत्रीय गतिविधियों और छोटे-छोटे सेल के जरिए काम करने की रणनीति को लेकर भी चिंता जताई गई है।
10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास एक कार में हुए शक्तिशाली विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। NIA की मई 2026 में दाखिल की गई 7,500 पन्नों की चार्जशीट में भी सभी 10 आरोपियों को अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़ा बताया गया था, जिसे AQIS का ऑफशूट माना जाता है।
लाल किला धमाके को लेकर UNSC की पिछली यानी 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश के हवाले से जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कथित लिंक का जिक्र किया गया था। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि JeM को 9 नवंबर के लाल किला हमले से जोड़ा गया था, जिसमें करीब 15 लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी।
अब 38वीं रिपोर्ट में AQIS से जुड़े नेटवर्क को हमले से जोड़ने का दावा सामने आया है। इस तरह दोनों रिपोर्टों में हमले को लेकर अलग-अलग आतंकी संगठनों का नाम सामने आया है।
NIA ने मई 2026 में दाखिल अपनी चार्जशीट में कहा था कि लाल किला कार बम धमाके के मामले में आरोपी सभी 10 लोग अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े थे। जांच एजेंसी के मुताबिक AGuH, AQIS से जुड़ा संगठन है।
NIA ने चार्जशीट में दावा किया था कि आरोपियों में कुछ मेडिकल प्रोफेशनल भी शामिल थे और वे AQIS/AGuH की विचारधारा से प्रभावित थे। एजेंसी ने इस मामले में 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त किए गए सामान को जांच का हिस्सा बनाया।
UNSC की रिपोर्ट में AQIS की बदलती रणनीति को लेकर भी चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक संगठन बड़े और केंद्रीकृत ढांचे के बजाय छोटे-छोटे स्वतंत्र सेल के जरिए गतिविधियां संचालित करने पर ज्यादा जोर दे रहा है।
रिपोर्ट में AQIS की अफगानिस्तान में मौजूदगी और दक्षिण एशिया में उसके नेटवर्क को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं दर्ज की गई हैं। इससे पहले की UNSC रिपोर्ट में भी AQIS की बाहरी अभियानों पर बढ़ती दिलचस्पी को लेकर चिंता जताई गई थी।
लाल किला धमाका मामले में NIA ने 14 मई 2026 को 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी के मुताबिक मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी की धमाके में मौत हो गई थी। बाकी आरोपियों पर आतंकी साजिश और धमाके से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
UNSC की ताजा रिपोर्ट और NIA की जांच में सामने आए AQIS कनेक्शन के बाद लाल किला धमाके की आतंकी साजिश को लेकर जांच एजेंसियों के दावों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा मिली है।