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एअर इंडिया की उड़ान में तकनीकी गड़बड़ी के बाद सरकार सख्त

नई दिल्ली। एअर इंडिया की उड़ान AI 2379 में तकनीकी खराबी और पायलट के डोप टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने के मामले के बाद केंद्र सरकार ने एयरलाइन प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी है। सरकार ने एअर इंडिया से संचालन और निगरानी व्यवस्था में सुधार करने के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी […]

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  • August 13, 2026 12:38 pm IST, Published 35 minutes ago

नई दिल्ली। एअर इंडिया की उड़ान AI 2379 में तकनीकी खराबी और पायलट के डोप टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने के मामले के बाद केंद्र सरकार ने एयरलाइन प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी है। सरकार ने एअर इंडिया से संचालन और निगरानी व्यवस्था में सुधार करने के साथ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी जिम्मेदारी लेने को कहा है। वहीं, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमानन नियामक डीजीसीए को डोप टेस्टिंग नियमों में जल्द बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने अनिवार्य ड्रग टेस्ट के दायरे में आने वाले विमानन कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और प्रतिबंधित ड्रग्स के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए जाने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के प्रावधान लागू करने को कहा है। हालांकि, यदि किसी कर्मचारी का टेस्ट डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवा के सेवन के कारण पॉजिटिव आता है, तो उसे अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे।

पायलट का डोप टेस्ट आया था पॉजिटिव

4 अगस्त को 145 यात्रियों को लेकर फुकेत से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान AI 2379 में गंभीर तकनीकी गड़बड़ी सामने आई थी। घटना के बाद उड़ान के पायलट-इन-कमांड का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया।

सूत्रों के मुताबिक, पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया कि निजी परिस्थितियों के कारण उसे नींद की गोलियां लेनी पड़ी थीं। इसी वजह से टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, मामले की जांच जारी है और पायलट के दावे की भी जांच की जा रही है।

इसके अलावा, केबिन क्रू की शिकायत के बाद उड़ान के दौरान पायलट के कथित व्यवहार की भी जांच की जा रही है।

विमान में लगातार मिल रही थीं तकनीकी चेतावनियां

रिपोर्ट के अनुसार, विमान जब ओडिशा के ऊपर से गुजर रहा था, उस समय उसमें एक के बाद एक कई तकनीकी चेतावनियां मिलने लगीं। विमान के तीन हाइड्रोलिक सिस्टम, दरवाजों और एलिवेटर से जुड़ी चेतावनियां सामने आईं। एलिवेटर विमान की ऊंचाई और दिशा नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसी दौरान विमान का ऑटोपायलट भी ट्रिप हो गया और विमान की ऊंचाई अचानक कम हो गई। इस घटना में विमान में सवार कुछ यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, को-पायलट ने स्थिति को संभालते हुए विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई।

एयरबस और फ्रांसीसी नियामक की टीम भी जांच में शामिल

घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है। एयरबस की एक टीम और फ्रांसीसी विमानन नियामक के अधिकारी भी भारत पहुंचे हैं। वहीं, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यह पता लगाने में जुटा है कि विमान में आई चेतावनियां वास्तविक तकनीकी समस्या के कारण थीं या किसी अन्य वजह से।

जांच का मुख्य उद्देश्य तकनीकी खराबी के मूल कारण का पता लगाना है। पायलटों की ओर से भी एयरबस से इस घटना और तकनीकी चेतावनियों को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण की मांग की गई है।

सरकार ने कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

सरकार ने एअर इंडिया के शीर्ष प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया है कि एयरलाइन को संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी। उड्डयन सचिव समीर सिन्हा ने प्रबंधन से कहा है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस घटना ने विमानन सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में डोप टेस्टिंग, क्रू निगरानी और तकनीकी सुरक्षा प्रक्रियाओं को और मजबूत करने की तैयारी है।

अधिकारियों ने उस को-पायलट की भी सराहना की है, जिसने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विमान को सुरक्षित तरीके से उतारा। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर विमानन सुरक्षा व्यवस्था में आगे और बदलाव किए जाने की संभावना है।

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