दिल्ली के चोर बाजार में 4000 का लैपटॉप, 5000 का iPhone!

नई दिल्ली। दिल्ली के पुराने शहर की गलियों में लगने वाला चर्चित ‘चोर बाजार’ एक बार फिर सस्ती खरीदारी और हैरान करने वाले दामों को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इस बाजार से जुड़ी पोस्ट और वीडियो लगातार लोगों का ध्यान खींच रही हैं। दावा किया जाता है कि यहां लैपटॉप, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 13, 2026 10:47 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली। दिल्ली के पुराने शहर की गलियों में लगने वाला चर्चित ‘चोर बाजार’ एक बार फिर सस्ती खरीदारी और हैरान करने वाले दामों को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इस बाजार से जुड़ी पोस्ट और वीडियो लगातार लोगों का ध्यान खींच रही हैं। दावा किया जाता है कि यहां लैपटॉप, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, जूते, कैमरे, घड़ियां और कई तरह की इस्तेमाल की हुई वस्तुएं बेहद कम कीमत में मिल जाती हैं। हालांकि, किसी भी महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान को खरीदने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करना बेहद जरूरी है।

दरअसल, दिल्ली का यह बाजार पुराने दिल्ली इलाके में जामा मस्जिद और लाल किले के आसपास लगने वाले रविवार के बाजारों से जुड़ा है। अलग-अलग स्रोतों में इसके क्षेत्र और समय को लेकर कुछ अंतर मिलता है, लेकिन रविवार की सुबह यहां सबसे ज्यादा गतिविधि देखने को मिलती है। दिल्ली सरकार के शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम की जानकारी में भी चोर बाजार को इलेक्ट्रॉनिक सामान से जुड़े बाजार के रूप में उल्लेखित किया गया है।

4000 रुपये में लैपटॉप और 5000 में iPhone का दावा

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि बाजार में करीब 4000 रुपये में लैपटॉप और 5000 रुपये के आसपास iPhone जैसे महंगे उपकरण मिल सकते हैं। ऐसे दाम निश्चित रूप से लोगों को आकर्षित करते हैं, लेकिन इन्हें बाजार में उपलब्ध हर सामान की तय कीमत नहीं माना जा सकता।

पुराने या इस्तेमाल किए हुए इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमत उसकी स्थिति, मॉडल, उम्र, काम करने की क्षमता और एक्सेसरीज के आधार पर काफी बदल सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर दिखाई गई कीमत को देखकर सीधे खरीदारी करने के बजाय मौके पर उत्पाद की जांच करना ज्यादा समझदारी होगी।

आखिर दिल्ली का चोर बाजार है कहां?

चोर बाजार का नाम आमतौर पर पुराने दिल्ली के जामा मस्जिद, लाल किले और दरियागंज के आसपास लगने वाले रविवार के बाजारों के संदर्भ में लिया जाता है। कुछ गाइड इसे जामा मस्जिद के आसपास और कुछ दरियागंज की ओर फैले रविवार के बाजार से जोड़ते हैं।

जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन इस क्षेत्र तक पहुंचने के प्रमुख विकल्पों में शामिल है। बाजार की गलियों में पहुंचने के बाद दुकानों और अस्थायी स्टॉल का बड़ा नेटवर्क दिखाई देता है।

रविवार को सुबह-सुबह क्यों पहुंचते हैं खरीदार?

इस बाजार की खासियत इसका सुबह जल्दी सक्रिय होना है। अलग-अलग स्रोतों और स्थानीय अनुभवों में समय अलग-अलग बताया गया है। कुछ हालिया गाइड के अनुसार रविवार को बाजार लगभग सुबह 6 बजे से दोपहर तक सक्रिय रहता है, जबकि स्थानीय खरीदारों के अनुभवों में कई विक्रेताओं के इससे काफी पहले पहुंचने की बात सामने आती है।

यही वजह है कि सस्ता या अनोखा सामान खोजने वाले लोग रविवार की सुबह जल्दी पहुंचना पसंद करते हैं। हालांकि, बाजार का समय मौसम, स्थानीय परिस्थितियों और क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों के कारण बदल भी सकता है।

यहां क्या-क्या सामान मिल सकता है?

चोर बाजार की पहचान केवल मोबाइल और लैपटॉप से नहीं है। यहां इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, पुराने कैमरे, घड़ियां, कपड़े, जूते, बैग, औजार, स्पोर्ट्स सामान, किताबें और अलग-अलग तरह की इस्तेमाल की हुई वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आती है।

कुछ खरीदारों को पुराने कैमरे, विंटेज सामान या ऐसे उत्पाद भी मिल जाते हैं जो सामान्य बाजार में आसानी से दिखाई नहीं देते। यही ‘सरप्राइज फैक्टर’ इस बाजार को सोशल मीडिया पर लोकप्रिय बनाता है।

क्या यहां मिलने वाला हर सामान चोरी का होता है?

बाजार के नाम में ‘चोर’ शब्द होने के कारण अक्सर यह धारणा बनती है कि यहां बिकने वाला हर सामान चोरी का है। ऐसा मान लेना सही नहीं होगा। बाजार में सेकेंड हैंड, सरप्लस, इस्तेमाल किया हुआ, रीफर्बिश्ड और अलग-अलग स्रोतों से आया सामान मिल सकता है। हालिया बाजार गाइड भी इस बात की ओर संकेत करती है कि यहां बिकने वाली वस्तुओं की उत्पत्ति एक जैसी नहीं होती।

इसलिए किसी विक्रेता या पूरे बाजार को बिना प्रमाण चोरी के सामान से जोड़ना उचित नहीं है। खरीदार को सामान की स्थिति और खरीद की वैधता पर ध्यान देना चाहिए।

सबसे जरूरी है इलेक्ट्रॉनिक सामान की जांच

अगर कोई व्यक्ति यहां लैपटॉप, मोबाइल या iPhone खरीदने जाता है तो केवल कम कीमत देखकर फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है। डिवाइस को ऑन करके उसकी स्क्रीन, बैटरी, कैमरा, स्पीकर, माइक्रोफोन, चार्जिंग पोर्ट, नेटवर्क और अन्य जरूरी फीचर जांचने चाहिए।

iPhone या किसी दूसरे स्मार्टफोन के मामले में IMEI, मॉडल, स्टोरेज, बैटरी हेल्थ और डिवाइस की लॉक स्थिति भी जांचना जरूरी है। लैपटॉप में हार्ड डिस्क या SSD, RAM, कीबोर्ड, स्क्रीन, बैटरी और चार्जर की जांच की जानी चाहिए।

सस्ते सौदे के चक्कर में न भूलें सावधानी

चोर बाजार में भीड़ काफी हो सकती है। ऐसे में मोबाइल, पर्स, दस्तावेज और अन्य कीमती सामान संभालकर रखना जरूरी है। बाजार से संबंधित हालिया स्थानीय अनुभवों में भीड़ और सामान की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा बहुत कम कीमत पर मिलने वाले ब्रांडेड उत्पादों के मामले में नकली या खराब गुणवत्ता वाले सामान की संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खरीदारी से पहले उत्पाद को अच्छी तरह देखना और संभव हो तो टेस्ट करना बेहतर है।

वायरल दावे का असली मतलब क्या है?

‘4000 में लैपटॉप’ या ‘5000 में iPhone’ जैसी कीमतें सोशल मीडिया पर लोगों की उत्सुकता बढ़ाने के लिए तेजी से वायरल हो सकती हैं। लेकिन किसी एक पोस्ट या वीडियो में दिखाई गई कीमत को पूरे बाजार की सामान्य कीमत मानना सही नहीं होगा।

दिल्ली का चोर बाजार वास्तव में कम कीमत में सेकेंड हैंड और अलग-अलग तरह के सामान तलाशने वालों के लिए दिलचस्प जगह हो सकता है। लेकिन यहां खरीदारी का सबसे बड़ा नियम यही है—कम कीमत देखकर जल्दबाजी न करें, सामान जांचें और उसके बाद ही सौदा करें।

इस बाजार की असली खासियत महज सस्ते दाम नहीं, बल्कि यहां मिलने वाली चीजों की विविधता और अचानक मिल जाने वाले अनोखे सामान हैं। यही वजह है कि वर्षों बाद भी दिल्ली का यह रविवार बाजार खरीदारों और सोशल मीडिया क्रिएटर्स के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

Advertisement