कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित जासूसी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान प्रदीप्तो बसु के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, उसके कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संपर्क होने की आशंका के आधार पर कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि मामले की जांच के दौरान दिनहाटा इलाके से तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और प्रदीप्तो बसु तक पहुंचने का दावा किया गया। STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क का स्वरूप क्या था और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि कथित संपर्कों का दायरा केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं हो सकता।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार दिल्ली और कूच बिहार समेत अन्य स्थानों तक जुड़े हुए थे या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिलने वाली जानकारी जांच का अहम हिस्सा है। जांच टीम उसके संपर्क में रहने वाले लोगों, बातचीत और डिजिटल गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी की कथित तौर पर किसी संदिग्ध व्यक्ति या विदेशी संपर्क से सीधी बातचीत थी या नहीं।
STF की जांच में कॉल रिकॉर्ड और मैसेज की भी पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा संदिग्ध बैंक लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी तरह का धन हस्तांतरण हुआ था या नहीं। जांचकर्ता वित्तीय लेनदेन के संभावित स्रोत और लाभार्थियों की जानकारी भी खंगाल रहे हैं।
दिनहाटा से तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद सामने आए सुरागों को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी इन लोगों की भूमिका और गिरफ्तार सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ उनके संभावित संबंधों की पुष्टि कर रही हैं। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि कथित नेटवर्क में प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी। इसके लिए आरोपियों के बीच संपर्क, यात्रा, वित्तीय गतिविधियों और डिजिटल कम्युनिकेशन का मिलान किया जा रहा है।
ISI से कथित संपर्क से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियां आमतौर पर डिजिटल कम्युनिकेशन और वित्तीय गतिविधियों की बारीकी से जांच करती हैं। पश्चिम बंगाल में इस कार्रवाई के बाद दिल्ली और कूच बिहार से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या गिरफ्तार सॉफ्टवेयर इंजीनियर किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा था या उसके खिलाफ लगे आरोप किसी अन्य संदर्भ से जुड़े हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस इलेक्ट्रॉनिक डाटा, कॉल डिटेल, मैसेज और बैंक ट्रांजैक्शन से मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर पूछताछ या गिरफ्तारी की कार्रवाई भी हो सकती है।