नई दिल्ली। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के बाद फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। तिब्बती क्षेत्र में करीब 400 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन सभी से संपर्क स्थापित हो चुका है और वे सुरक्षित हैं। सरकार अब उन्हें भारत वापस लाने के लिए वैकल्पिक रास्तों पर काम कर रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि तिब्बती क्षेत्र में फंसे सभी करीब 400 भारतीयों से संपर्क हो चुका है। उनके सुरक्षित होने की पुष्टि की गई है और उन्हें भारत लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, शुक्रवार शाम तक 153 भारतीय नागरिक जमीनी रास्ते से तिब्बत क्षेत्र से नेपाल पहुंच चुके थे। अब इन्हें नेपाल से भारत लाने के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
तिब्बत में फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी को लेकर बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। कई परिवारों ने हेल्पलाइन के माध्यम से भी मदद मांगी है।
वहीं, नेपाल में आई आपदा के बाद करीब 320 भारतीय नागरिकों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा लगभग 100 प्रवासी भारतीयों की भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
इनमें कैलास मानसरोवर यात्रा पर गए कुछ ऐसे तीर्थयात्री भी शामिल हैं, जिनकी नागरिकता भारतीय नहीं है। भारतीय अधिकारी उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने और परिजनों तक सूचना पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं।
बाढ़ के बाद काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक शुक्रवार दोपहर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। ये सभी तमिलनाडु के रहने वाले हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
जयशंकर ने बताया कि विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाली सेना ने इन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया था। इसके बाद उन्हें काठमांडू लाया गया और वहां से वे दिल्ली पहुंचे।
बाढ़ की स्थिति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय राजदूत वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में नेपाल और तिब्बत में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति, राहत सामग्री, बचाव अभियान और आगे की सहायता को लेकर चर्चा हुई। सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
तिब्बती क्षेत्र में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है। वहीं नेपाल में लापता भारतीयों का पता लगाने और उनके परिजनों को जानकारी देने के लिए भी प्रयास जारी हैं।
नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में आई बाढ़ से कई इलाकों में सड़क संपर्क और आवागमन प्रभावित हुआ है। ऐसे में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना राहत एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।