नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर कहर बरपा रहा है। उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़ गए हैं। उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बिहार में गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मध्य प्रदेश के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट की करीब 400 दुकानें और कई होटल पानी में डूब गए हैं।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित है। मंगलवार को बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 12 लोगों की मौत हुई। राज्य में भूस्खलन और जलभराव के कारण 172 सड़कें बंद हैं।
नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंचने के बाद अतिरिक्त पानी निकालने के लिए चैनल खोल दिए गए हैं। मौसम विभाग ने नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बारिश और खराब मौसम को देखते हुए राज्य के पांच जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में भी नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा और पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
राजधानी पटना में मंगलवार सुबह से बारिश जारी रही। तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भागलपुर में गंगा के कटाव का असर ऐतिहासिक 100 साल पुराने दुर्गा मंदिर पर पड़ा। कटाव के कारण मंदिर गंगा नदी में समा गया। वहीं जहानाबाद में दरधा नदी का पानी जाफरगंज पुल से करीब दो फीट ऊपर बह रहा है।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और बाढ़ से कई जिलों में स्थिति चिंताजनक है। सीतापुर में भारी बारिश के कारण दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई।
गाजीपुर में गंगा नदी में नहाने के दौरान दो नाबालिग बह गए। उनकी तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं उन्नाव में बारिश के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब 7 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इस मानसून में एक्सप्रेसवे के धंसने की यह दूसरी घटना बताई जा रही है।
बलिया में भी बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। जिले में करीब 20 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का दौर जारी है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर के कारण रामघाट की करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी में डूब गए हैं।
स्थिति को देखते हुए सतना में 2 और 3 सितंबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
लगातार बारिश, नदियों के बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। उत्तराखंड में सड़क संपर्क प्रभावित होने के साथ बिहार, यूपी और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।