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STP टेंडर हेरफेर मामले में सत्येंद्र जैन को कोर्ट ने जमानत दी

नयी दिल्ली:  आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को कथित दिल्ली जल बोर्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) मामले में अदालत से राहत मिली है। राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मामले में उन्हें जमानत दे दी है। जैन की गिरफ्तारी के बाद से यह मामला दिल्ली की राजनीति और जांच […]

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  • September 3, 2026 3:14 pm IST, Published 16 minutes ago

नयी दिल्ली:  आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को कथित दिल्ली जल बोर्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) मामले में अदालत से राहत मिली है। राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मामले में उन्हें जमानत दे दी है। जैन की गिरफ्तारी के बाद से यह मामला दिल्ली की राजनीति और जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहा है।

जांच एजेंसी एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने सत्येंद्र जैन को 18 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के उन्नयन और उनसे संबंधित टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि परियोजनाओं की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं हुआ और टेंडर में हेरफेर की गई।

अदालत में सुनवाई के दौरान जैन की ओर से जमानत की मांग की गई। बचाव पक्ष ने मामले में उनकी गिरफ्तारी और जांच से जुड़े पहलुओं पर अपना पक्ष रखा। वहीं, जांच एजेंसी ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सत्येंद्र जैन को राहत देते हुए जमानत मंजूर कर दी। यह मामला दिल्ली जल बोर्ड की STP परियोजनाओं से जुड़ा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर में सीवर के पानी को उपचारित करने और उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इन संयंत्रों के उन्नयन से जुड़ी परियोजनाओं में कथित वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितताओं को लेकर जांच शुरू हुई थी।

सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में मंत्री रहते हुए जल विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े फैसलों और परियोजनाओं को लेकर उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों की जांच एजेंसियों की ओर से पड़ताल की गई है। हालांकि, जैन पर लगे आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अदालत के अंतिम फैसले तक उन्हें आरोपों का दोषी नहीं माना जा सकता।

जमानत मिलने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, टेंडर प्रक्रिया और परियोजनाओं में शामिल अन्य पक्षों की भूमिका की जांच कर रही है। अदालत में आगे होने वाली सुनवाई के दौरान जांच की प्रगति और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी चर्चा हो सकती है।

सत्येंद्र जैन को मिली जमानत आम आदमी पार्टी के लिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी पहले भी अपने नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधती रही है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार और सरकारी परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों में अपनी कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया के तहत बता चुकी हैं।

फिलहाल अदालत के जमानत आदेश के बाद सत्येंद्र जैन को इस मामले में तत्काल राहत मिली है, लेकिन STP परियोजनाओं से जुड़े कथित टेंडर हेरफेर और अनियमितताओं की जांच का कानूनी पक्ष आगे भी जारी रहेगा। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

 

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