नयी दिल्ली: दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बेलारूस के विदेश मंत्री से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। बैठक में भारत और बेलारूस के आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने मौजूदा संबंधों की प्रगति का जायजा लेते हुए सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर भी विचार किया।
बैठक के दौरान व्यापार और निवेश से जुड़े विषय प्रमुखता से उठे। भारत और बेलारूस के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने तथा कारोबारी गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए उपलब्ध अवसरों और निवेश सहयोग को आगे ले जाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
कनेक्टिविटी का मुद्दा भी वार्ता के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल रहा। दोनों देशों के बीच संपर्क और आवागमन को बेहतर बनाने से व्यापारिक तथा आर्थिक संबंधों को गति देने की संभावनाओं पर विचार किया गया। बेहतर कनेक्टिविटी से कारोबार, लोगों के बीच संपर्क और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन को लेकर भी दोनों पक्षों ने चर्चा की। भारत और बेलारूस के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने तथा पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। पर्यटन के विस्तार को दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी जुड़ाव को मजबूत करने वाले क्षेत्र के तौर पर देखा जाता है।
भारत और बेलारूस के संबंध लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर आधारित रहे हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक स्तर पर नियमित संवाद के साथ-साथ आर्थिक और कारोबारी क्षेत्रों में भी संपर्क बना हुआ है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में ऐसे संवाद दोनों देशों को अपने साझा हितों से जुड़े विषयों पर आगे बढ़ने का अवसर देते हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर की बेलारूस के विदेश मंत्री के साथ हुई मुलाकात इसी निरंतर संवाद का हिस्सा रही। बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा के साथ उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जहां भविष्य में सहयोग को और विस्तार दिया जा सकता है।
व्यापार और निवेश के अलावा कनेक्टिविटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर चर्चा से यह संकेत मिलता है कि दोनों देश अपने संबंधों को व्यापक आर्थिक और जनसंपर्क आधारित सहयोग के रूप में आगे ले जाना चाहते हैं। आपसी व्यापार को बढ़ाने और निवेश के नए अवसर तलाशने के साथ लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी सहयोग को महत्व दिया जा रहा है।
बैठक में हुई चर्चा भारत और बेलारूस के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क से आपसी समझ को मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने में मदद मिलती है। आने वाले समय में व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में बातचीत को आगे बढ़ाया जा सकता है।
भारत की विदेश नीति में यूरोपीय क्षेत्र के देशों के साथ आर्थिक और राजनयिक संबंधों को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। इसी क्रम में बेलारूस के साथ संवाद भी दोनों देशों के साझा हितों और सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का माध्यम है। जयशंकर की बैठक में इन्हीं व्यापक द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।