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शी जिनपिंग की कार पर कवर ने खींचा ध्यान, सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हुई

नई दिल्ली: BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के काफिले ने लोगों का ध्यान खींचा। करीब सात साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर जहां कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं, वहीं उनके आधिकारिक काफिले में शामिल लग्जरी वाहनों को काले कवर से ढके जाने की तस्वीरें भी चर्चा […]

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  • September 12, 2026 3:02 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली: BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के काफिले ने लोगों का ध्यान खींचा। करीब सात साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर जहां कूटनीतिक गतिविधियां तेज हैं, वहीं उनके आधिकारिक काफिले में शामिल लग्जरी वाहनों को काले कवर से ढके जाने की तस्वीरें भी चर्चा में हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि आखिर चीन के राष्ट्रपति की विशेष कारों को इस तरह ढककर क्यों रखा गया।

विदेश यात्राओं के दौरान किसी राष्ट्राध्यक्ष के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की सुरक्षा को काफी अहम माना जाता है। ऐसे वाहनों में कई विशेष सुरक्षा प्रणालियां और तकनीकी सुविधाएं होती हैं। इसलिए उनकी पहचान, बनावट और सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों को सार्वजनिक नजरों से बचाने के लिए कई स्तरों पर सावधानी बरती जाती है। कवर का इस्तेमाल भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है।

शी जिनपिंग के काफिले में चीन की प्रीमियम वाहन निर्माता कंपनी Hongqi की विशेष कार शामिल होने की चर्चा है। Hongqi ब्रांड को चीन के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से जुड़ा माना जाता है। राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल होने वाली विशेष लिमोजिन सामान्य बाजार में उपलब्ध कारों से अलग होती है और इसे उच्चस्तरीय सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाता है।

विदेश यात्रा के दौरान ऐसे वाहनों को संबंधित देश तक पहुंचाने के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था अपनाई जाती है। कई मामलों में राष्ट्रपति के आधिकारिक वाहन को मालवाहक विमान के जरिए गंतव्य देश तक भेजा जाता है। एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल या सुरक्षित ठिकाने तक ले जाते समय वाहन को कवर से ढककर रखने का उद्देश्य बाहरी नजरों से उसे सुरक्षित रखना भी हो सकता है।

इसके अलावा कवर वाहन को धूल, बारिश, धूप और परिवहन के दौरान होने वाले संभावित बाहरी नुकसान से बचाने में भी मदद कर सकता है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे वाहन की वास्तविक बनावट और उसमें मौजूद सुरक्षा उपकरणों को आसानी से देखने या रिकॉर्ड करने की संभावना कम हो जाती है। हालांकि, इस खास काफिले के संबंध में चीन या भारतीय अधिकारियों की ओर से कवर लगाए जाने की विस्तृत वजह सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं की गई है।

शी जिनपिंग की आधिकारिक कार के रूप में Hongqi N701 का नाम लंबे समय से चर्चा में रहा है। यह एक बेहद खास और सीमित उत्पादन वाली बख्तरबंद लिमोजिन मानी जाती है। इसकी डिजाइन में Hongqi की पारंपरिक शैली की झलक दिखाई देती है, लेकिन इसे सामान्य लग्जरी कार के बजाय शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने की बात कही जाती है।

इस वाहन की वास्तविक तकनीकी विशेषताओं को लेकर आधिकारिक जानकारी सीमित है। मीडिया रिपोर्टों में इसके बुलेटप्रूफ सुरक्षा ढांचे, मजबूत बॉडी, विशेष ग्लास और सुरक्षित टायर जैसी सुविधाओं का उल्लेख मिलता रहा है। हालांकि, इंजन, कवच और संचार प्रणाली से जुड़ी कई जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है। इसलिए इनसे संबंधित दावों को रिपोर्टों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

Hongqi नाम का संबंध चीन के राजनीतिक इतिहास से भी जोड़ा जाता है। कंपनी के वाहनों का इस्तेमाल लंबे समय से चीन के शीर्ष नेतृत्व और महत्वपूर्ण सरकारी आयोजनों में होता रहा है। इसी वजह से राष्ट्रपति के काफिले में शामिल वाहन सिर्फ परिवहन का साधन नहीं, बल्कि चीन की आधिकारिक छवि और प्रतिष्ठा का हिस्सा भी माने जाते हैं।

शी जिनपिंग की भारत यात्रा के दौरान काफिले की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में वाहनों को कवर में रखने की तस्वीरें सुरक्षा प्रोटोकॉल और गोपनीयता को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ा रही हैं। हालांकि, काले कवर के पीछे किसी विशेष रणनीतिक कारण की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल इसे सुरक्षा, परिवहन और संवेदनशील तकनीकी जानकारियों को सार्वजनिक नजरों से दूर रखने की सामान्य प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

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