नई दिल्ली। BRICS Summit 2026 के पहले दिन भारत मंडपम में उस समय एक दिलचस्प और चर्चा में रहने वाला पल सामने आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत से पहले कुछ क्षणों के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर ध्यान दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने महसूस किया कि शी जिनपिंग कुछ असहज नजर आ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने चीनी राष्ट्रपति के साथ आए अनुवादक से उनकी तबीयत के बारे में पूछा—“क्या वह ठीक हैं?”
बताया गया कि प्रधानमंत्री के सवाल के कुछ ही सेकंड बाद शी जिनपिंग ने जवाब में सिर हिलाकर अपनी स्थिति ठीक होने का संकेत दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपना संबोधन जारी रखा। घटना छोटी जरूर थी, लेकिन दोनों नेताओं के बीच दिखाई दिए इस सहज मानवीय व्यवहार ने ध्यान खींचा।
BRICS Summit में दिखा मोदी-जिनपिंग का अलग अंदाज
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर जब दुनिया की नजरें प्रमुख नेताओं की गतिविधियों पर टिकी होती हैं, तब नेताओं के बीच होने वाली छोटी-छोटी बातचीत भी चर्चा का विषय बन जाती है। भारत में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान भी ऐसा ही देखने को मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात पर पहले से ही वैश्विक नजरें थीं। दोनों देशों के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शी जिनपिंग की सहजता और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर करना एक उल्लेखनीय दृश्य माना गया।
वीडियो और कार्यक्रम से जुड़े दृश्यों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत से पहले शी जिनपिंग की ओर देखा। इसके बाद उन्होंने उनके साथ मौजूद अनुवादक से पूछा कि क्या चीनी राष्ट्रपति ठीक हैं। कुछ क्षण बाद शी जिनपिंग ने सिर हिलाकर प्रतिक्रिया दी और इसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ा।
यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड का था, लेकिन इसकी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया तथा मीडिया रिपोर्टों में चर्चा का विषय बन गए।
सवाल छोटा था, लेकिन संदेश बड़ा
प्रधानमंत्री मोदी का यह सवाल महज औपचारिकता था या व्यक्तिगत चिंता, इसे लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। हालांकि, कूटनीतिक मंचों पर इस तरह के छोटे संकेतों का भी अपना महत्व होता है।
भारत और चीन एशिया की दो बड़ी शक्तियां हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। सीमा से जुड़े मुद्दों और द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के बावजूद दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद जारी रहना क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से अहम माना जाता है।
ऐसे में जब किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान दो नेताओं के बीच व्यक्तिगत स्तर पर सहज बातचीत दिखाई देती है, तो वह व्यापक कूटनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी का शी जिनपिंग से उनकी स्थिति पूछना इसी वजह से खास माना जा रहा है। यह घटना दोनों नेताओं के बीच मौजूद औपचारिक राजनीतिक रिश्ते से अलग एक मानवीय पहलू को सामने लाती है।
क्या शी जिनपिंग उस समय असहज थे?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी को लगा कि शी जिनपिंग कुछ असहज महसूस कर रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने अनुवादक के माध्यम से उनकी स्थिति पूछी। इसके बाद शी जिनपिंग ने सिर हिलाकर जवाब दिया।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि शी जिनपिंग वास्तव में किसी स्वास्थ्य समस्या से गुजर रहे थे या केवल कार्यक्रम की व्यस्तता और यात्रा की थकान के कारण कुछ देर के लिए असहज दिखाई दे रहे थे।
चीनी राष्ट्रपति की ओर से इस छोटी घटना को लेकर कोई आधिकारिक स्वास्थ्य संबंधी बयान सामने नहीं आया। इसलिए इसे किसी स्वास्थ्य समस्या के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी केवल इतनी है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी स्थिति के बारे में पूछा और शी जिनपिंग ने सकारात्मक संकेत दिया।
BRICS कार्यक्रम के कारण व्यस्त रहा दिन
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार सुबह चीन से रवाना होकर दोपहर के आसपास दिल्ली पहुंचे। BRICS Summit के कार्यक्रमों के कारण उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी हुई।
भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने मुलाकात के दौरान हाथ मिलाया। इस दौरान तमिलनाडु के रामनाथपुरम स्थित प्रसिद्ध रामनाथस्वामी मंदिर के 1212 खंभों वाले गलियारे की तस्वीर के सामने भी दोनों नेताओं की तस्वीर सामने आई।
इस तस्वीर को भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रतीक के तौर पर देखा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति को इस प्रसिद्ध गलियारे की विशेषताओं और उसकी वास्तुकला के बारे में जानकारी दी।
PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक
BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई। दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।
दोनों देशों के बीच सीमा, व्यापार, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर बातचीत लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। ऐसे में शीर्ष स्तर की बैठक के दौरान दोनों नेताओं का आमने-सामने बैठना अपने आप में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
बैठक से पहले दोनों नेताओं की अनौपचारिक सहजता ने भी ध्यान खींचा। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शी जिनपिंग की स्थिति पूछे जाने वाली घटना ने इस मुलाकात के मानवीय पक्ष को और चर्चा में ला दिया।
गाला डिनर में नहीं पहुंचे शी जिनपिंग
BRICS Summit से जुड़े कार्यक्रमों में चीनी राष्ट्रपति की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा रही। रिपोर्ट के अनुसार, शी जिनपिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा BRICS देशों के नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल नहीं हुए।
उनकी अनुपस्थिति के पीछे कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया। हालांकि, एक सूत्र के हवाले से यह दावा सामने आया कि शी जिनपिंग दिनभर के व्यस्त कार्यक्रम के कारण थक गए थे और आराम करने के लिए अपने होटल लौट गए थे।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस संबंध में किसी आधिकारिक भारतीय या चीनी बयान की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए गाला डिनर में उनकी अनुपस्थिति के कारण को लेकर सामने आई जानकारी को फिलहाल सूत्र आधारित जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
कूटनीति में ऐसे छोटे पल क्यों होते हैं खास?
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नेताओं की औपचारिक बैठकों के अलावा अनौपचारिक व्यवहार भी कई बार सुर्खियां बन जाता है। हाथ मिलाना, मुस्कुराना, किसी नेता की तबीयत पूछना या बातचीत के दौरान सहज नजर आना—ये सभी दृश्य राजनीतिक संदेशों के साथ-साथ मानवीय संबंधों को भी दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई यह छोटी-सी घटना भी इसी संदर्भ में देखी जा रही है। एक तरफ दोनों देशों के बीच कई जटिल मुद्दे हैं, वहीं दूसरी ओर शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत और व्यक्तिगत संवाद के रास्ते खुले रहना महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शी जिनपिंग की स्थिति पूछना किसी बड़े राजनीतिक ऐलान के बराबर नहीं है, लेकिन इसने BRICS Summit के दौरान दोनों नेताओं के बीच दिखाई देने वाले सहज संवाद की एक तस्वीर जरूर सामने रखी।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
शी जिनपिंग के असहज महसूस करने या गाला डिनर में शामिल नहीं होने के कारण को लेकर अभी किसी आधिकारिक स्वास्थ्य संबंधी पुष्टि का उल्लेख नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों से अलग उपलब्ध तथ्यों पर ही भरोसा करना बेहतर होगा।
फिलहाल घटनाक्रम इतना है कि BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शी जिनपिंग की स्थिति को लेकर चिंता जताई, उनके अनुवादक से पूछा कि क्या वह ठीक हैं और शी जिनपिंग ने सिर हिलाकर जवाब दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अपना भाषण जारी रखा।
गाला डिनर में शी जिनपिंग की अनुपस्थिति ने इस पूरे घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं है।
BRICS Summit 2026 के मंच पर सामने आया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच कुछ सेकंड का यह संवाद भले ही छोटा था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री मोदी का उनकी स्थिति पूछना दोनों नेताओं के बीच बातचीत के मानवीय पक्ष को दिखाता है।
वहीं, शी जिनपिंग की गाला डिनर से अनुपस्थिति को लेकर सामने आई थकान वाली जानकारी की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस घटनाक्रम से जुड़े किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी होगा।